AIMIM Chief Owaisi: अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान बताया है। हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के ऑफिस के आस-पास की जगहों को भी निशाना बनाया गया है। वहीं ईरान ने इन हमलों के बाद मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
ईरानी सेना ने कहा कि बहरीन में एक अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमला किया गया है। अमेरिका और इसराइल के ईरान पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर और लगातार हमले के जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले शुरू कर दिए हैं।
यह हमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल की दो दिन की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद हुए हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की सरकारों के अलग‑अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच 17 समझौते किए गए और दस घोषणाएं भी की गईं। पीएम मोदी की इस यात्रा में यह भी स्पष्ट दिखाई दिया कि भारत ने इजरायल का खुलकर साथ दिया।
इजरायल की संसद कनेसेट में भाषण देते हुए मोदी ने कहा था कि भारत इसराइल के साथ है। मज़बूती से, पूरे विश्वास के साथ, इस समय भी और आगे भी।
इसी बीच, शनिवार को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ़ प्रिवेंटिव मिसाइल हमला करने पर कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एयरक्राफ्ट हवा में होता और ऐसा हमला होता, तो कौन जिम्मेदार होता? प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि क्या नेतन्याहू ने उन्हें बताया था कि इज़रायल ईरान पर हमला करने वाला है। अगर उन्होंने ऐसा किया था, तो प्रधानमंत्री को तुरंत अपना दौरा खत्म करके देश लौट जाना चाहिए था।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर इज़रायल ने हमें यह नहीं बताया कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर रहा है, तो इज़रायल ने हमें धोखा दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने और गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए नरसंहार को छिपाने के लिए किया है। इससे यह संदेश जाएगा कि भारत इज़रायल के साथ है, ईरान के साथ नहीं। इस हमले से भारत को क्या हासिल हो रहा है?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 10 मिलियन भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में रहते हैं। उन देशों के आम नागरिकों को इससे क्या संदेश जाएगा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा खत्म होते ही इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया? बहरीन और कतर पर हमला हो गया, और सऊदी अरब पर भी हमला हो सकता है। हम हमेशा तटस्थ रहे हैं।
ओवैसी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, भाजपा को समझना चाहिए कि इस मामले में हमारी 80 साल की तटस्थ रहने की विरासत का क्या हुआ? बहुत गलत संदेश गया है। ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब प्रधानमंत्री और भाजपा को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इज़रायल ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का इस्तेमाल हमला करने और दुनिया को यह बताने के लिए किया कि भारत उनके साथ है। यह धोखा है। हम प्रधानमंत्री और भाजपा से पूछते हैं कि क्या नेतन्याहू ने उन्हें यह बताया था?
मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान ने किए ताबड़तोड़ मिसाइल हमले
अमेरिका और इजरायल ने एक साथ ईरान पर हमले किए हैं। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने इजरायल के अलावा मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के इराक, कुवैत, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, सऊदी अरब और कतर में मौजूद बेस को ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है। पूरी खबर पढ़ें।
