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नेताजी की बेटी की पीएम मोदी से मांग, कहा- जापान के मंदिर में रखी अस्थियों का हो DNA टेस्ट

नीता बोस ने कहा कि मेरे पिता की मौत के रहस्य को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका जापान के मंदिर में रखी अस्थियों का डीएनए टेस्ट करना है। इससे सच साबित हो जाएगा।

Author नई दिल्ली | Updated: August 22, 2019 6:07 PM
नेताजी की बेटी बोलीं- कुछ लोग नहीं चाहते मेरे पिता की मौत का रहस्य सुलझे pic.. credit – indian express

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन से जुड़े विवाद के बीच गुरुवार (22 अगस्त) को उनकी बेटी अनीता बोस ने जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी नेताजी की अस्थियों की डीएनए जांच कराने का अनुरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया। उन्होंने कहा कि इससे मेरे पिता की मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी। इस दौरान अनीता बोस ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में कुछ खास लोगों ने इस मामले की ‘अनदेखी’ की, क्योंकि वे ‘कभी नहीं’ चाहते थे कि रहस्य से पर्दा उठे।

पीएम मोदी की सराहना भी की: अनीता बोस ने नेताजी की मौत से जुड़े रहस्य को सुलझाने के प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब तक कुछ और साबित नहीं हो जाता, उन्हें लगता है कि उनके पिता की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में हुई थी। अनीता बोस ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी और जापानी अधिकारियों से भी मिलना चाहती हैं, ताकि रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियों के डीएनए टेस्ट की अनुमति के लिए अनुरोध कर सकें।

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नेताजी की अस्थियों का हो डीएनए टेस्ट: अनीता ने जर्मनी से टेलीफोन पर दिए इंटरव्यू में पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जब तक कुछ और साबित नहीं हो जाए, मुझे विश्वास है कि उनकी मृत्यु 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में हुई। हालांकि, काफी लोग इसे नहीं मानते। मैं निश्चित रूप से चाहूंगी कि यह रहस्य सुलझ जाए। मुझे लगता है कि रहस्य को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका जापान के मंदिर में रखी अस्थियों का डीएनए टेस्ट करना है। इससे सच साबित हो जाएगा।’’

केंद्र सरकार के पास रखी फाइलें भी हों सार्वजनिक: अनीता बोस ने कहा कि वह केंद्र सरकार के पास रखी फाइलों को सार्वजनिक करके रहस्य को सुलझाने के प्रयासों को लेकर धन्यवाद देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाहती हैं। इसके अलावा वह जापानी अधिकारियों से भी अनुरोध करेंगी कि अगर उनके पास नेताजी से जुड़ी कोई फाइल है तो वे उसे सार्वजनिक करें।

पीआईबी के ट्वीट पर विवाद के बाद की टिप्पणी: बता दें कि अनीता बोस की यह टिप्पणी 18 अगस्त को केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के एक ट्वीट पर हुए विवाद के बाद आई। पीआईबी ने ट्वीट में लिखा था, ‘‘पीआईबी महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी पुण्यतिथि पर याद करता है।’’ हालांकि, नेताजी के परिवार के एक वर्ग द्वारा विरोध जताने के बाद यह ट्वीट हटा दिया गया था।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना: अनीता बोस ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या उन्हें लगता है कि पिछली सरकारों ने (कांग्रेस सरकार सहित) नेताजी की मौत के रहस्य को जानबूझकर नजरअंदाज किया। जर्मनी में रह रही प्रख्यात अर्थशास्त्री अनीता ने कहा, ‘‘मेरे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कांग्रेस सरकारों ने इस मुद्दे की अनदेखी की। हालांकि, पिछली सरकारों में कुछ लोग नहीं चाहते थे कि यह रहस्य सुलझे और इसकी अनदेखी की गई।’’

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