ताज़ा खबर
 

अब बाजार से बाहर हुई मैगी

भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक ने शुक्रवार को मैगी नूडल्स की सभी नौ किस्मों को बाजार से हटाए जाने और इसके निर्माण व बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया। वहीं नेस्ले ने कहा कि बेबुनियाद कारणों से मैगी...

Author June 6, 2015 9:08 AM

भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक ने शुक्रवार को मैगी नूडल्स की सभी नौ किस्मों को बाजार से हटाए जाने और इसके निर्माण व बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया। वहीं नेस्ले ने कहा कि बेबुनियाद कारणों से मैगी की गुणवत्ता को लेकर भ्रम पैदा हुआ।

दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश ने भी जहां मैगी नूडल्स पर रोक लगाने का फैसला किया तो वहीं स्विस कंपनी के वैश्विक मामलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल बुल्के ने कहा कि यह खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने जल्द से जल्द उपभोक्ताओं का विश्वास जीतने और लोकप्रिय स्नैक की वापसी कराने का वादा किया।

फटाफट नूडल्स में एमएसजी और सीसे की मौजूदगी को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद नेस्ले इंडिया ने गुरुवार शाम मैगी नूडल्स को बाजार से वापस मंगाने का फैसला किया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने कंपनी को मैगी की सभी नौ किस्मों को बाजार से वापस मंगाने का आदेश देते हुए उन्हें लोगों के खाने के लिहाज से असुरक्षित और खतरनाक बताया।

नियामक इकाई ने नेस्ले को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर यह जवाब देने को कहा कि क्यों न उसे नौ किस्मों के लिए दी गई उत्पाद मंजूरी को वापस ले लिया जाए। एफएसएसएआइ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाईएस मलिक ने जारी किए गए आदेश में कहा गया है-कंपनी को इस संबंध में तीन दिन के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया जाता है। साथ ही कंपनी नूडल्स को वापस मंगाए जाने की प्रगति रिपोर्ट इस प्रक्रिया के पूर्ण होने तक प्रतिदिन के आधार पर दाखिल करे।

एफएसएसएआइ ने यह भी कहा है कि नेस्ले ने बिना मंजूरी के मैगी ओट्स मसाला नूडल्स को बाजार में पेश किया। नियामक ने इसे भी बाजार से वापस मंगाए जाने का आदेश देते हुए कहा कि कंपनी ने इस उत्पाद की गुणवत्ता का कोई आकलन नहीं किया। आदेश में कहा गया है, ‘मानवीय उपभोग के लिए असुरक्षित और खतरनाक पाए जाने के बाद बाजार से मैगी नूडल्स की सभी नौ वैरायटी को वापस मंगाएं और आगे से इसका उत्पादन, प्रसंस्करण, आयात, वितरण और बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करें’।

एफएसएसएआइ ने कहा कि नेस्ले ने स्वाद बढ़ाने वाले ‘एमएसजी’ पर लेबलिंग संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है और कंपनी को तीन दिन के भीतर आदेश की अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

राष्ट्रीय स्तर पर इस विवाद के पैदा होने के कारण बदले हालात का जायजा लेने के लिए नेस्ले के सीईओ स्विटजरलैंड से यहां आए हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हमें लगता है कि बेबुनियाद कारणों से भ्रम पैदा हुआ और उपभोक्ताओं का भरोसा डगमगा गया। हम दुनिया में जो गुणवत्ता मानक और विधियां अपनाते हैं, भारत में भी उन्हीं को अपनाया गया। हमारी जांच में पाया गया है कि मैगी पूरी तरह सुरक्षित है’।

उन्होंने कहा कि कंपनी मैगी को जितनी जल्द संभव हो सके वापस लाने के प्रयासों के तहत यह पता लगाने के मकसद से भारत में प्रशासन के साथ जांच के तौर-तरीकों को साझा कर रही है कि कैसे प्रशासन द्वारा की गई जांच में सीसे की मात्रा तय स्तर से अधिक पाई गई है। बल्के ने कहा, ‘हमारा मुख्य ध्यान उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने पर केंद्रित है’।

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि मैगी नूडल्स सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है, राज्य में इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि यह सही है कि उत्पाद सुरक्षा नियमों के अनुपालन में विफल रहा है। उन्होंने साथ ही आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि खाद्य सुरक्षा और मानकों का नेस्ले कंपनी और मैगी उत्पादों ने अनुपालन नहीं किया। इसलिए हमने निर्देश दिए हैं कि सभी नौ किस्मों को बाजार से वापस मंगाया जाना चाहिए’।

मैगी को सुरक्षित बताने संबंधी नेस्ले के सीईओ के बयान पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने हर राज्य की रिपोर्ट देखी है और उसके बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। इस सारे विवाद के बीच मैगी के लिए एक अच्छी खबर भी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य में मैगी नूडल्स के नमूनों की जांच में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं पाई गई है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इस बीच, मुंबई से मिली खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र खाद्य व औषधि प्रशासन(एफडीए) ने कहा कि मैगी नूडल्स के नमूनों की जांच में सीसे की मात्रा तय स्तर के भीतर पाई गई है। एफडीए आयुक्त हर्षदीप काम्बले ने कहा, ‘मैगी नूडल्स के नमूनों की जांच में सीसे की मात्रा तय स्तर के भीतर पाई गई है’।

सिक्किम सरकार ने मैगी के साथ ही दो अन्य लोकप्रिय ब्रांड के स्नैक्स के नमूनों को जांच के लिए गुवाहाटी भेजा है। जम्मू कश्मीर में मैगी की बिक्री पर रोक लगाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को पुलवामा जिले में प्रशासन ने बाजार से मैगी नूडल्स के 85 कार्टन जब्त किए।
पर्यावरण से आया प्रदूषण, पर जीतना है भारत का भरोसा
हमें लग रहा है कि बेबुनियाद बातों से भ्रम पैदा हुआ है। सीसा पर्यावरण में मौजूद है और मैगी नूडल में इसकी मात्रा तय सीमा से बहुत कम है। इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) अलग से नहीं मिलाया गया। यह प्राकृतिक तत्त्वों से आता है। हम विश्व में जो गुणवत्ता मानक व प्रक्रिया अपनाते हैं उसी का अनुपालन भारत में भी होता है। हमारे परीक्षण में मैगी सुरक्षित पाई गई है। हम उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम भारत में पिछले 100 साल से हैं। भारत में कारोबार करना अच्छा है और भारत नेस्ले के लिए अच्छा बाजार है इसलिए मैं यहां हूं।
-पॉल बुल्के, नेस्ले के वैश्वि मुख्य कार्यकारी
नियमों को लेकर सख्त नियामक
केंद्रीय खाद्य सुरक्षा नियामक ने मैगी नूडल्स की सभी नौ स्वीकृत किस्मों को असुरक्षित व खतरनाक करार देते हुए इन्हें बाजार से वापस लेने का निर्देश दिया। कंपनी को तीन दिन के भीतर अनुपालन रपट सौंपने का निर्देश दिया गया है। बाजार से उत्पाद वापसी प्रक्रिया पूरी होने तक दैनिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
विदेशों में भी कसा शिकंजा
सिंगापुर ने अपने स्थानीय आयातकों को भारत से आयात किए गए मैगी नूडल्स की बिक्री पर अस्थाई रूप से रोक लगाने का आदेश दिया है। वहीं नेपाल ने भी भारत में उत्पादित मैगी के आयात और बिक्री पर रोक लगा दी है। ब्रिटेन की खाद्य सुरक्षा एजंसी ने कहा कि उसने भारत की घटना के बाद मैगी नूडल्स के कुछ नमूनों की जांच का फैसला किया है।

Next Stories
1 ‘नमामि गंगे’ पर जोशी के बोल, अगले 50 साल में भी साफ नहीं हो सकेगी नदी
2 केरल में आया मानसून झूम के
3 जयललिता के मुकदमे पर 5.11 करोड़ रुपए का बिल तमिलनाडु को भेजेगी कर्नाटक सरकार
चुनावी चैलेंज
X