ताज़ा खबर
 

विकास के लिए परिवारवाद को उखाड़ फेंके जनता: नरेंद्र मोदी

झारखंड में भाजपा के चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विकास के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और लोगों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए राज्य को परिवारवाद से मुक्त करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि झारखंड विकास के पथ […]

Author November 22, 2014 8:51 AM
Vibrant Gujarat Summit 2015: हर दो साल पर होने वाले इस समारोह की शुरूआत नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते 2003 में की थी ताकि राज्य में निवेश आकर्षित किया जा सके।

झारखंड में भाजपा के चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विकास के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और लोगों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए राज्य को परिवारवाद से मुक्त करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि झारखंड विकास के पथ पर आगे बढ़े तो राज्य को परिवारवाद से मुक्त कीजिए। झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन और उनके मुख्यमंत्री बेटे हेमंत सोरेन के स्पष्ट संदर्भ में मोदी ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि झारखंड में विकास हो, युवाओं को रोजगार मिले और राज्य समृद्धि की तरफ बढ़े, तो आपको परिवारवाद वाली राजनीति, पिता-पुत्र वाली राजनीति, भाई भतीजे और रिश्तेदारों वाली राजनीति को खत्म करना पड़ेगा। मोदी ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि राज्य को लूटा गया है और यहां भ्रष्टाचार है। उन्होंने राज्य को कितना लूटा है लेकिन कोई शर्म नहीं है। मोदी ने कहा कि झारखंड को आगे बढ़ाने के लिए विकास एकमात्र समाधान है और उन्होंने लोगों से उन्हें ‘उनकी सेवा का मौका देने’ का अनुरोध किया।

ऑस्ट्रेलिया की अपनी हालिया यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच अपने प्राकृतिक संसाधनों व जनसंख्या के संबंध में काफी समानताएं हैं लेकिन झारखंड गरीब है जबकि ऑस्ट्रेलिया आगे बढ़ गया। मोदी ने कहा कि राज्य में पांच नदियां हैं लेकिन किसान अपने खेतों के लिए बिना पानी दिन काट रहे हैं और गांव पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य प्राकृतिक संसाधनों के संदर्भ में अमीर है लेकिन इसके किसान गरीब हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए नदियों को आपस में जोड़ने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

झामुमो नीत सरकार पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि कहा जाता है कि राज्य सरकार केंद्रीय मंत्रियों के दौरों से डरती है क्योंकि इससे गलतियों की पोल खुल जाएगी। मोदी ने कहा- उन्होंने कहा है कि वे दिल्ली से किसी मंत्री को प्रवेश नहीं देंगे। जब मैं गुजरात में (मुख्यमंत्री) था, दिल्ली हमें परेशान करती थी। लेकिन हमने इस तरह का कुछ नहीं किया। लेकिन वे जानते हैं कि अगर मोदी सरकार का कोई मंत्री आता है तो वे उनके भ्रष्टाचार का खुलासा कर देंगे।

मोदी अगस्त में की गई झामुमो घोषणा के संदर्भ में बोल रहे थे जिसमें रांची में एक समारोह में मोदी की उपस्थिति में लोगों ने मुख्यमंत्री की हूटिंग की थी और जिसके बाद झामुमो ने कहा था कि वह झारखंड में किसी केंद्रीय मंत्री को घुसने नहीं देगी। इसके बाद दो केंद्रीय मंत्रियों के काफिले को झामुमो कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे। वाहनों पर हमले की कोशिश या मंत्रियों को धमकाने की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि जनता के पास लोकतंत्र में ‘घमंड तोड़ने’ की शक्ति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जापान के वैज्ञानिकों से आदिवासी परिवारों में पाई जाने वाली आनुवंशिक बीमारी के लिए अनुसंधान करने व दवा खोजने के लिए कहा है। इस पर होने वाला खर्च भारत वहन करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 40 साल पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण करते हुए कहा था कि बैंकों का धन गरीबों के पास जाना चाहिए लेकिन यह काम चार दशक में भी नहीं हुआ। लेकिन अब जनधन योजना के जरिए सात करोड़ गरीबों को पासबुक मिली है और उन्होंने 50 से 200 रुपए का योगदान दिया। जबकि सरकार ने घोषणा की थी कि अगर किसी व्यक्ति के पास धन नहीं है तो वह योगदान देगी लेकिन गरीबों ने बैंकों में सात हजार करोड़ रुपए जमा कराए।

मोदी ने कहा कि मुझसे पहले कई प्रधानमंत्री यहां आए और बड़े बड़े दावे किए। लेकिन मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं जो बड़ी बातें नहीं करता। मैं मां बहनों के लिए शौचालय बनाने तथा स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय बनाने जैसे छोटी बातें करता हूं।

नक्सलियों से हथियार छोड़कर राष्ट्र निर्माण में शामिल होने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री कहा कि गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी के देश में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने लातेहार जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र चंदवा में एक चुनावी सभा में कहा कि हिंसा से किसी का भला नहीं होता। मैं हथियार उठा चुके लोगों से अपील करता हूं कि वे इसे छोड़ दें और हल उठा लें। यह आपका देश है और आप इसके विकास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम कीजिए। इसी इलाके में कुछ साल पहले उग्रवादियों ने एक ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App