नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद वहां चल रहे राहत बचाव के कार्यों में जो व्यक्ति जिंदा बचे हैं उन्हें उनके देश भेजे जाने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। वापस लौटने वालों में भारतीय भी हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए हैं। भारत सरकार इस प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। इस बीच नेपाल से लौट रहे नागरिकों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे ने भी खास इंतजाम किए हैं।
दरअसल, नेपाल से भारत लौट रहे यात्रियों की मदद के लिए भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में अतिरिक्त कोच बढ़ाना, भोजन, पानी, चाय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की संख्या और जरूरत के आधार पर आगे भी अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पटना से महाराष्ट्र रवाना हुए 106 यात्री
ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि नेपाल से लौटने के बाद 106 यात्रियों को पटना से महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया है। इन यात्रियों को ट्रेन नंबर 17609 पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में सवार कराया गया। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना जंक्शन पर ट्रेन में थर्ड AC (3A) के दो अतिरिक्त कोच लगाए गए, ताकि नेपाल से लौट रहे यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो।
सफर में यात्रियों को मिलेगी हर सुविधा
भारतीय रेलवे की ओर से सिर्फ यात्रा की व्यवस्था ही नहीं की है बल्कि यात्रियों की अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा है। सफर के दौरान उनके लिए खाना, पीने का पानी और चाय उपलब्ध कराए जाने का इंतजाम भी रेलवे की ओर से किया गया है। इसके साथ ही किसी यात्री की तबीयत खराब होने की स्थिति में मेडिकल सहायता भी मुहैया कराई गई। रेलवे का कहना है कि आपदा की स्थिति में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
एक्स्ट्रा टिकट काउंटर खोला गया
यात्रियों को टिकट लेने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पटना जंक्शन पर रातभर एक अतिरिक्त टिकट काउंटर भी खोला गया था। रेलवे के मुताबिक, इसका उद्देश्य नेपाल से लौटने वाले यात्रियों को तत्काल टिकट उपलब्ध कराना और उन्हें आगे की यात्रा के लिए जरूरी सहायता देना था।
जरूरत पड़ने पर और बढ़ाए जाएं कोच
CPRO सरस्वती चंद्र ने आगे बताया कि नेपाल से लौटने वाले यात्रियों की संख्या लगातार सामने आने वाली जरूरतों के आधार पर अतिरिक्त कोच और अन्य व्यवस्थाओं का फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों की जरूरत के मुताबिक व्यवस्थाओं को बढ़ाया जा सकता है।
यात्रियों का हेल्थ चेक अप कर रहा रेलवे
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पटना जंक्शन पर यात्रियों की सहायता के लिए कमर्शियल डिपार्टमेंट, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और दानापुर डिवीजन के मेडिकल डिपार्टमेंट की टीमें तैयार थीं। इन टीमों ने यात्रियों को टिकट, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग किया। जब ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंची तो वहां भी यात्रियों के लिए नाश्ता, पानी और चाय की व्यवस्था की गई। इसके अलावा यात्रियों का हेल्थ चेक-अप भी कराया गया।
2500 के करीब लोग अभी भी लापता
बता दें कि नेपाल में बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। शनिवार तक बाढ़ से 669 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई जबकि 2500 के करीब लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है। लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश के लिए 15,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।
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अशोक कुमार चौरसिया ने बुधवार को घबराकर अपनी बेटी शिवानी को फोन किया। उन्होंने बताया कि नेपाल के नुवाकोट जिले में उनके घर के आसपास बाढ़ का पानी बढ़ रहा है और उन्हें आशंका है कि स्थिति और बिगड़ सकती है। फिर अचानक कॉल कट गई। अगले 24 घंटों तक अशोक की कोई खबर नहीं मिली। वह और उसका भाई पन्ना लाल लगभग चार दशकों से जिले में कपड़ों की दुकान चला रहे थे। यहां पढ़ें पूरी खबर…
