नेपाल में करीब दो हफ्ते पहले आई भीषण तबाही के निशान अभी तक मिटे नहीं हैं कि नेपाल के लोगों को मंगलवार को एक बार फिर ऐसी ही एक आपदा की आहट हुई। दरअसल, मंगलवार रात को नेपाल के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई। भूकंप के इन झटकों ने नेपाल के लोगों को फिर से डरा दिया।

नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी के अनुसार, मंगलवार रात राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस हुए। NCS के अनुसार, भूकंप नेपाल में 143 km की गहराई पर आया। शुरुआती जानकार के मुताबिक, किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

सितंबर में कई दिन लग गए झटके

NCS के अनुसार, भूकंप का यह ताजा झटका रविवार, 6 सितंबर को नेपाल में आए 3.8 मैग्नीट्यूड के भूकंप के दो दिन बाद आया है। रविवार को भूकंप के जो झटके महसूस हुए थे वह शाम 6:59:47 बजे के करीब आए थे जिसका एपिसेंटर 27.747°N लैटीट्यूड और 86.163°E लॉन्गीट्यूड पर था। इससे पहले 3 सितंबर को तिब्बत में 5.0 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। यह भूकंप तिब्बत में 14 किलोमीटर की गहराई पर था।

नेपाल बाढ़ में मारे गए 1300 से अधिक लोग

बता दें कि भूकंप के झटकों का यह सिलसिला 26 अगस्त को तिब्बत बॉर्डर पर नेपाल के रसुवा जिले में आई भयानक बाढ़ के बाद से लगातार जारी है। भूकंप के यह झटके लोगों को डरा रहे हैं। नेपाल में आई भीषण बाढ़ भोटे कोशी नदी में आई थी, जिससे बस्तियां, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गए थे। इस आपदा में 1300 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

बाढ़ के 2 हफ्ते बाद भी चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल में आई बाढ़ के दो हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं। बताया गया है कि 500 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।

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आठ साल का एक लड़का गुरुवार को बहराइच के जिला मजिस्ट्रेट के पास एक गुल्लक लेकर पहुंचा, इसे उसने पिछले एक साल में बड़े प्यार से सिक्कों और नकदी से भर दिया था। तीसरी क्लास के छात्र अल्फाज शेख ने अनुरोध किया कि इसे जैसा है वैसा ही नेपाल भेजा जाए, ताकि हाल ही में आई बाढ़ से जिनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, उनकी मदद की जा सके। यहां पढ़ें पूरी खबर…