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Happy Independence Day: ‘गोलियों या गालियों से कश्मीर समस्या सुलझने वाली नहीं’

प्रधानमंत्री ने 71वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को अपने करीब 56 मिनट के संबोधन में इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता है।

Author नऊ दिल्ली | Updated: August 16, 2017 10:39 AM
अशांति के दौर से गुजर रहे कश्मीर के लोगों को लक्षित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि गोलियों या गालियों से कश्मीर मुद्दे का हल नहीं हो सकता और प्रत्येक कश्मीरी को गले लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है।

अशांति के दौर से गुजर रहे कश्मीर के लोगों को लक्षित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि गोलियों या गालियों से कश्मीर मुद्दे का हल नहीं हो सकता और प्रत्येक कश्मीरी को गले लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने 71वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को अपने करीब 56 मिनट के संबोधन में इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने जातिवाद एवं सांप्रदायिकता को खारिज करते हुए कहा कि आस्था के नाम पर हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने चौथी बार लालकिले से अपने संबोधन में कश्मीर के लोगों को गले लगाने का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘न गाली से, न गोली से, परिवर्तन होगा गले लगाने से…। समस्या सुलझेगी, हर कश्मीरी को गले लगाने से।’’ मोदी ने कहा कि चंद अलगाववादी राज्य में समस्याएं पैदा करने के लिए विभिन्न चालें चलते हैं। किन्तु सरकार कश्मीर को फिर से स्वर्ग बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों के विकास के सपने को पूरा करने में मदद के लिए जम्मू कश्मीर सरकार ही नहीं बल्कि पूरा देश उनके साथ है। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जबकि कश्मीर घाटी में अशांति एवं हिंसा का दौर पिछले कुछ समय से बना हुआ है।
आतंकवाद के प्रति कोई नरमी नहीं बरते जाने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा सरकार के लिए शीर्ष प्राथमिकता है तथा र्सिजकल स्ट्राइक ने उसको रेखांकित किया है। मोदी ने यह भी कहा कि विश्व में भारत का दर्जा बढ़ रहा है तथा आतंकवाद की समस्या से मुकाबले में कई देश भारत को सहयोग दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत किसी भी मोर्चे..जल, थल अथवा साइबर आकाश में चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने डोकलाम में चीन के साथ तनातनी की पृष्ठभूमि में यह बात कही।

मोदी आज आधी बांह का कुर्ता, चूड़ीदार पायजामा और राजस्थानी साफा बांधकर आये थे। उन्होंने अपने संबोधन की शुरूआत देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं में मारे गये लोगों, और खासतौर से गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में जान गंवाने वालों बच्चों का उल्लेख करते हुए कहा कि समूचे राष्ट्र की संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने कहा कि भारत शांति, एकता एवं भाईचारे के पक्ष में है तथा जातिवाद एवं सांप्रदायिकता काम नहीं आएगी। उन्होंने आस्था के नाम पर हिंसा करने वालों की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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