दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जुटने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को बसों में भरकर अलग-अलग पुलिस थानों ले जाया गया।
जंतर-मंतर के पास हिरासत में लिए गए लोगो में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना, आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज, कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा शामिल थीं। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और AISA के सदस्यों समेत कई लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
पुलिस उन लोगों को हिरासत में लेती नजर आई, जो 10 या उससे अधिक के समूह में एक जगह इकट्ठा हो रहे थे। पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर अलग-अलग जगहों पर ले जा रही थी। हिरासत में लिए गए लोगों को बदरपुर पुलिस स्टेशन और उत्तर बाहरी दिल्ली के पुलिस थानों समेत कई अन्य स्थानों पर ले जाया गया।
फिलहाल प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जनपथ के आसपास बना हुआ है, जहां करीब 50-60 लोग अभी भी जुटे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोक रही है।
इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेगी। CEC के खिलाफ CJP के विरोध का कारण इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयोग के अंदर मतभेद का पता चला। हालांकि मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला जानबूझकर किया गया है। गुरुवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने बताया कि ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने पूछा, “2024 के लोकसभा चुनाव में, BJP ने 48 सीटों में से सिर्फ 9 सीटें जीतीं। छह महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में स्थिति पूरी तरह बदल गई। यह बदलाव कैसे हुआ? इसी संदर्भ में हमने मुंबई से आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। दिल्ली की गद्दी की भी रक्षा महाराष्ट्र करता है।” पढ़ें पूरी खबर।
