Opposition PM House Protest: नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पीएम आवास के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल थे।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च निकाला था। विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगों की बात करें तो NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सरकार जवाबदेही, प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सख्त कदम उठाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफे की मांग की गई।
प्रियंका गांधी ने बोला मोदी सरकार पर हमला
पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा,”वे कायर हैं। वे डरे हुए हैं। हम उनसे बिल्कुल नहीं डरते, बल्कि वे हमसे डरते हैं।” इसी दौरान सुरक्षा बलों को राहुल गांधी और अन्य सांसदों को पुलिस बस में ले जाते देखा गया।
पवन खेड़ा का आरोप – ‘नेताओं के साथ हुई बदसलूकी’
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, “सब कुछ आपके सामने है। देखिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत हमारे नेताओं के साथ किस तरह बदसलूकी की गई। क्या देश में यही लोकतंत्र बचा है? हम पीछे हटने वाले नहीं हैं और दोबारा विरोध प्रदर्शन करने लौटेंगे।”
देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत
वहीं पुलिस वैन से बोलते हुए सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करार दिया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के न्याय के लिए संसद से सड़क तक लड़ाई जारी रखेगी।
अखिलेश बोले- सरकार माने छात्रों की मांग
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार को छात्रों की मांगें माननी चाहिए। सरकार ने छात्रों और युवाओं पर जो अन्याय किया है – जिस तरह से उन्हें पीटा गया, उनके सिर फोड़े गए, उनकी हड्डियां तोड़ी गईं। यहां तक कि छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए गए। क्या लोकतंत्र में, वह भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान, सरकार से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जाती है। हम इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।”
सरकार ने क्या कहा?
दूसरी ओर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने पहले इस शर्त पर धरना खत्म करने की सहमति दी थी कि सरकार संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा कराए। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी बात से पलटते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी।
यह भी पढ़ें: PM हाउस के बाहर राहुल गांधी का ‘सरप्राइज प्रोटेस्ट’, ऐसे रखा गया पूरा ऑपरेशन गुप्त
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग की। मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा राहुल गांधी से मिलकर बातचीत के बाद जब धरना समाप्त नहीं हुआ तो पुलिस ने राहुल, प्रियंका और कई अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई। पढ़िए पूरी खबर…
