NEET-UG 2026 पेपर लीक कांड में में कार्रवाई जारी है। बीते दिनों पुलिस ने 46 साल की एक ब्यूटीशियन को पुणे से गिरफ्तार किया था, वह पूरी घटना में एक ‘कॉमन लिंक’ बनकर उभरी है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि महिला ने कमीशन के लिए ट्यूशन टीचर की तलाश कर रहे छात्र-छात्राओं के प्रतिष्ठित विद्यालयों के शिक्षकों से मिलवाया। साथ ही इन संपर्कों का इस्तेमाल लीक प्रश्नपत्र डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए किया, जिसने परिणाम स्वरूप परीक्षा रद्द कर दिया गया।
पुणे के सुखसागर नगर में पॉर्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने उसके 10 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी, जिसे 16 मई को मंजूरी मिल गई थी। उसके साथ ही मामले में एक अन्य अहम आरोपी पीवी कुलकरनी की भी ज्यूडिशियल कस्टडी की मांग की गई थी। कुलकर्णी एक सेवानिवृत्त शिक्षक है। वहीं, रविवार को दिल्ली की एक कोर्ट ने मामले में तीसरी आरोपी मनीषा गुरुनाथ मनधरे (57) की 14 दिन की न्यायिक हिरासत मंजूर कर दी।
कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों के बीच पेपर लीक कर दी
मनीषा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के NEET-UG 2026 के प्रश्न-निर्धारण पैनल की एक विशेषज्ञ है। एजेंसी इस मामले में उन्हें कथित “मास्टरमाइंड” के रूप में देख रही है। हिरासत की मांग करते हुए सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि 15 मई को पुणे से गिरफ्तार की गईं मनधरे ने वित्तिय लाभ के लिए कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों के बीच पेपर लीक कर दी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नियुक्त की गई विशेषज्ञ के तौर पर उनके पास कथित तौर पर बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी।
जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मनधरे ने दो अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद विठ्ठल राव कुलकर्णी के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग बनाई। उसने भारी रकम लेकर चुनिंदा छात्रों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न उपलब्ध कराए। वह NTA के पैनल में शामिल विशेषज्ञों में से एक थी और NEET UG 2026 के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थी। इसी दौरान उसे अंतिम प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली, जिन्हें उसने पैसों के लालच में छात्रों को लीक कर दिया।”
ब्यूटीशियन ने की खरीदारों की तलाश
सूत्रों ने कहा कि वाघमरे की भी पेपर लीक में अहम भूमिका है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी महिला को कथित तौर पर यह जानकारी मिली थी कि मनधरे प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल है जिसके बाद दोनों ने मिलकर पेपर लीक करने की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों ने कुलकर्णी को भी इस साजिश में शामिल किया और इसके बाद वाघमारे ने ऐसे छात्रों की तलाश शुरू की जो प्रश्नपत्र खरीदने के लिए तैयार हों।
जांच में सामने आया कि वाघमारे कई छात्रों के संपर्क में थी क्योंकि वे उसके पास ट्यूशन शिक्षकों को खोजते हुए पहुंचे थे। आरोप है कि उसने प्रति छात्र करीब 10 लाख रुपये में सौदा तय किया था। बताया जा रहा है कि इस रकम में से वाघमारे, मनधरे और कुलकर्णी ने आपस में ढाई लाख से 3 लाख रुपये बांटने की योजना बनाई थी। वाघमारे ने कथित तौर पर चार-पांच छात्रों की व्यवस्था की और अपनी प्लानिंग अपने एक पुराने दोस्त धनंजय निवृत्ति लोखंडे के साथ शेयर की। इसके बाद लोखंडे ने नासिक में काउंसलिंग का काम करने वाले शुभम खैरनार से संपर्क किया।
बड़ी साजिश के संकेत मिले हैं
सूत्रों के मुताबिक लोखंडे ने वाघमारे से NEET के प्रश्नपत्र लिए और उन्हें शुभम खैरनार तक पहुंचाया। खैरनार ने बाद में इन पीडीएफ फाइलों को गुरुग्राम निवासी यश यादव और फिर जयपुर के कुछ लोगों के साथ शेयर किया। यश यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को मनधरे की 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस मामले में बड़ी साजिश के संकेत मिले हैं और कई आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं।
सीबीआई ने अदालत में कहा, “जांच अभी शुरुआती और बेहद महत्वपूर्ण चरण में है। आरोपी की पुलिस हिरासत इसलिए जरूरी है ताकि बड़ी साजिश का खुलासा किया जा सके। साथ ही इस संगठित पेपर लीक गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके और मामले से जुड़े सभी अहम सबूत बरामद किए जा सकें।”
वहीं आरोपी की ओर से पेश वकील ने हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि मनधरे 57 वर्ष की हैं और पेशे से लेक्चरर हैं। वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं इसलिए पुलिस रिमांड की आवश्यकता नहीं है।
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नीट यूजी पेपर बनाने की प्रक्रिया से जुड़े दो लोगों को सीबीआई ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पता चला है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सीबीआई को उन पेपर सेट करने वाले लोगों और अनुवादकों के नामों की एक लिस्ट सौंपी हैं, जो एजेंसी की नजर में हैं। पूरी खबर पढ़ें…
