4 मई की रात करीब 1:30 बजे यानी NEET(UG) 2026 परीक्षा खत्म होने के कई घंटे बाद कुछ ऐसा हुआ जिससे पूरे देश में बवाल मच गया। राजस्थान के सीकर के एक बड़े कोचिंग संस्थान से जुड़े एक शिक्षक कुछ कागजों का पुलिंदा लेकर जिले के उदय नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे।

उद्योग नगर थाने के SHO राजेश कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ”वह अपने साथ कुछ दस्तावेज लेकर आए थे और हाल ही में संपन्न हुई NEET परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे।”

SHO के अनुसार, ”थाने में मौजूद कर्मचारियों ने उनकी बात सुनी और उन्हें एक खाली कागज देकर लिखित शिकायत देने को कहा। लेकिन वह बिना शिकायत दिए ही वहां से चले गए।” राजेश कुमार ने उन दावों को खारिज किया कि पुलिस ने शिक्षक को थाने से लौटा दिया था।

कथित ‘गेस पेपर’ ने हुई पेपर लीक के शक की शुरुआत

3 मई की शाम उस शिक्षक को सीकर में उसके मकान मालिक ने हाथ से लिखा हुआ एक कथित ‘गेस पेपर’ दिखाया था और पूछा था कि क्या यह सच में असली लग रहा है। मकान मालिक को यह पेपर उसके बेटे ने केरल से भेजा था।

जब शिक्षक ने उस पेपर की जांच की तो उसे पता चला कि उसमें दिए गए कई सवाल वास्तव में NEET परीक्षा में आए थे। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।

अगले कुछ दिनों तक वह शिक्षक इस पूरे मामले की गंभीरता को लेकर सोचता रहा और इस बात को लेकर भी चिंतित था कि आगे क्या कदम उठाया जाए। अधिकारियों के अनुसार, ”पुलिस के पास जाने से पहले उसने कुछ पत्रकारों से भी संपर्क किया था लेकिन परिस्थितियां असामान्य होने के कारण उसके आरोपों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया।”

कोचिंग संस्थान के मालिक का समर्थन

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ”अपने कोचिंग संस्थान के मालिक के समर्थन के बाद ही उसने आखिरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को शिकायत भेजने का फैसला किया।”

7 मई की रात करीब 9:30 बजे के बाद उसने आखिरकार NTA को अपनी शिकायत भेज दी। शिकायत में उसने बताया कि यह लगभग 60 पन्नों की PDF फाइल थी जो हाथ से लिखी हुई लग रही थी। इसमें केमिस्ट्री के 90 सवाल और बायोलॉजी के 7-8 पन्नों में प्रश्न शामिल थे।

NEET पेपर लीक के शिकायत पत्र में क्या लिखा था?

द इंडियन एक्सप्रेस को मिली शिकायत की कॉपी के अनुसार, शिक्षक ने लिखा था, ”मैं अपना मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए देने को तैयार हूं और मेरे पास पूरे सबूत हैं। NEET परीक्षा की गंभीरता और महत्व को देखते हुए, ऐसे कृत्यों का छात्रों के जीवन पर गहरा असर पड़ सकता है।”

शिकायत में आगे कहा गया था, ”इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। परिस्थितियां दिखाती हैं कि इसमें गैरकानूनी तरीके से प्रश्नपत्र तक एक्सेस, उसका सर्कुलेशन और ट्रांसमिशन शामिल है। इसलिए मैं सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि कथित पेपर लीक की तुरंत जांच शुरू की जाए।”

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच के बाद शिक्षक को किसी भी गलत काम से मुक्त पाया गया। खासतौर पर इसलिए क्योंकि उन्हें यह कथित ‘गेस पेपर’ परीक्षा खत्म होने के बाद मिला था।

इसी शिक्षक की शिकायत के बाद एनटीएन ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया। बाद में इस मामले की जांच राजस्थान SOG और फिर सीबीआई तक पहुंची।

कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा

पेपर लीक का खुलासा राजस्थान में एक WhatsApp मैसेज के नीचे लिखे ऑटोमैटिक नोट- ‘Forwarded many times’ से शुरू हुआ। जांचकर्ताओं को एक तथाकथित ‘गेस पेपर’ की जांच के दौरान व्हाट्सऐप पर यह मैसेज मिला। तब उन्हें एहसास हुआ कि मामला केवल सीमित लीक का नहीं बल्कि कहीं बड़े स्तर पर फैले नेटवर्क का है।