नीट पेपर लीक मामले में लातूर के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के फाउंडर को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) ने गिरफ्तार किया था। इसके कुछ दिनों बाद सीबीआई उसके नाबालिग बेटे को (जो 3 मई को NEET-UG में भी बैठा था) पेपर लीक केस में ‘स्टार गवाह’ बनाने की प्लानिंग कर रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने बताया कि छात्र ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर माना है कि उसके पिता ने एग्जाम से लगभग 10 दिन पहले उसके लिए NEET के क्वेश्चन पेपर (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) खरीदे थे।

सीबीआई कर रही मामले की जांच

सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “CBI लातूर के एक बच्चों के डॉक्टर को भी गवाह बनाने की प्लानिंग कर रही है, जिसने कथित तौर पर अपने बेटे के लिए लीक हुआ क्वेश्चन पेपर खरीदा था। इन बातों को मानने के बाद, एजेंसी अभी उन्हें केस में अपना स्टार गवाह बनाने के लिए कानूनी राय ले रही है और डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल सबूतों के साथ बयानों की पुष्टि कर रही है।”

दिल्ली की एक कोर्ट में फाइल की गई अपनी रिमांड एप्लीकेशन में CBI ने कहा था कि लीक हुए सवाल कोचिंग इंस्टीट्यूट के फाउंडर के फोन पर मिले थे। एजेंसी ने कोर्ट को बताया था, “उसने लीक हुए पेपर और आंसर शीट की कॉपी कई लोगों को बांटी थीं। एक वीडियो है जिसमें वह अपने कोचिंग सेंटर में यह कहते हुए दिख रहा है कि उसने छात्रों को जो सवाल दिए थे, वे फाइनल क्वेश्चन पेपर में थे। को-एक्जीक्यूटिव प्रहलाद कुलकर्णी के साथ उसके लिंक की जांच चल रही है।”

क्या कर रही CBI?

प्रहलाद कुलकर्णी रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है, जो NTA से जुड़ा था। प्रहलाद को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। CBI ने इस मामले में दो और शिक्षक (मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार) को भी गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के मुताबिक मनीषा मंधारे और पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे, जिन्हें भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, एक ही रेजिडेंशियल सोसाइटी में रह रही थीं। सूत्र ने कहा, “मंधारे हवलदार की करीबी है, क्योंकि उन दोनों को NTA ने एक्सपर्ट के तौर पर अपॉइंट किया था। वाघमारे एक स्काउट के तौर पर काम कर रही थी, सही छात्रों को ढूंढ रही थीं, और प्रहलाद कुलकर्णी से भी जुड़ी थीं।”

CBI जांच के मुताबिक हवलदार ने कथित तौर पर फिजिक्स के सवाल लीक किए। वहीं प्रहलाद कुलकर्णी ने कथित तौर पर केमिस्ट्री के सवाल लीक किए, और मंधारे ने कथित तौर पर बॉटनी और जूलॉजी के सवाल लीक किए। सूत्र ने कहा, “मंधारे न सिर्फ क्वेश्चन पेपर सेट करने में शामिल थी, बल्कि उसे ट्रांसलेट करने में भी शामिल थी। जबकि प्रहलाद कुलकर्णी पेपर को मराठी में ट्रांसलेट करने में भी शामिल था।”

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