ताज़ा खबर
 

पीएम केयर्स के वेंटिलेटर को लेकर देश को अंधेरे में रखना और भी ख़तरनाक- रवीश कुमार ने की जांच की मांग

कोरोना महामारी के दौरान झारखंड को पीएम केयर्स फंड से मिले करीब 1250 वेंटिलेटर में से अधिकांश वेंटिलेटर कोरोना मरीजों की इलाज के लिए काफी नहीं है और कइयों को स्टोरेज में रख दिया गया है।

खराब वेंटिलेटर को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। (फोटो- पीटीआई)

कोरोना महामारी के बीच सरकार ने पीएम केयर्स के फंड से कुछ वेंटिलेटर ख़रीदे। लेकिन कई जगहों पर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर के ख़राब होने की शिकायत की और इसे मरीजों की जान बचाने के लिए नाकाफी बताया। खराब वेंटिलेटर के मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने कहा कि पीएम केयर्स के वेंटिलेटर को लेकर देश को अंधेरे में रखना काफी खतरनाक है।

समाचार चैनल एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपने प्राइम टाइम शो में ख़राब वेंटिलेटर का मुद्दा उठाया। रवीश कुमार ने कहा कि पीएम केयर्स के तहत सप्लाई किए गए वेंटिलेटर की खराब गुणवत्ता को लेकर एक साल से विस्तार से खबरें छप रही हैं। कभी मामूली खराबी तो कभी रख रखाव में कमी का बहाना बनाकर इसकी सच्चाई बाहर आ ही जाती है। लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई सुधार नहीं आया है और कई अस्पतालों में वेंटिलेटर स्टोरेज में पड़े हुए हैं।

हालांकि कई जगहों पर वेंटिलेटर की शिकायत सामने आने के बाद केंद्र सरकार के द्वारा बीते 15 मई को एक बयान जारी किया गया था। सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में कुछ राज्यों में वेंटिलेटर के स्टोरेज में पड़े होने की रिपोर्टों को गंभीरता से लिया और निर्देश दिया कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित किए गए वेंटिलेटर के उपयोग और संचालन का तुरंत ऑडिट किया जाना चाहिए। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों के बाद भी कई राज्यों से पीएम केयर्स फंड से मिले खराब वेंटिलेटर की ख़बरें सामने आई थी। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान झारखंड को पीएम केयर्स फंड से करीब 1250 वेंटिलेटर मिले। जिसमें से अधिकांश वेंटिलेटर कोरोना मरीजों की इलाज के लिए काफी नहीं है। इसलिए इनमें से कई वेंटिलेटर को स्टोरेज में रख दिया गया है। कई अस्पताल प्रशासन का यह भी आरोप है कि वेंटिलेटर देते हुए उचित मानकों का पालन नहीं किया गया। आम तौर पर वेंटिलेटर को मरीजों के इलाज में उपयोग किए जाने से पहले करीब 1 सप्ताह तक चला कर रखा जाता है कि ताकि इसकी अच्छे से टेस्टिंग की जा सके। लेकिन पीएम केयर्स से मिले वेंटिलेटर में इन मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया। 

झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर को लेकर कई शिकायतें आई हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में पीएम केयर्स फंड से मिले खराब वेंटिलेटर पर बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने केंद्र से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीएम केयर्स फंड के तहत मराठवाड़ा को भेजे गए 150 में से 113 वेंटिलेटर खराब पाए गए। 37 वेंटिलेटर अभी खोले भी नहीं गए हैं। इसपर राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इनके इस्तेमाल से मरीज के शरीर से ऑक्सीजन की कमी हो रही थी। अब इस मामले को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।  

Next Stories
1 नारदा स्‍ट‍िंग: हमें भी दबाव में लाने की कोश‍िश होती है…जज ने कोर्ट में सुनाया वाकया
2 हत्या मामले में पूछताछ के दौरान रोना लगे ओलिंपियन सुशील कुमार, पुलिस ने बताया, बार-बार बदल रहा था बयान
3 यूपी विधानसभा चुनाव में भी उतरेगी ममता बनर्जी की टीएमसी? ग्रामीण इलाकों के वोट पर नज़र
ये पढ़ा क्या ?
X