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एनडीए के राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद ने कहा था, ‘सत्‍ता हासिल करना था नेहरू और गांधी का एकमात्र लक्ष्‍य’

30 जनवरी, 2016 को 'सीमांत साहित्‍य पर डॉ बीआर अंबेडकर के प्रभाव' विषय पर बोलते हुए कोविंद ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू और महात्‍मा गांधी का 'एकमात्र उद्देश्‍य' सत्‍ता हासिल करना था।

Author Published on: June 21, 2017 6:11 PM
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। (फाइल फोटो)

केंद्र में सत्‍तारूढ़ राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने संघ की विचारधारा वाले नेता रामनाथ कोविंद को राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार बनाया है। लाइमलाइट से दूर रहे कोविंद को दलित समुदाय का चिंतक माना जाता है। खुद इसी समुदाय से आने वाले कोविंद की उम्‍मीदवारी ने विपक्ष की एकता को खंडित कर दिया है। मुलायम, नीतीश से लेकर कई विरोधी नेताओं ने कोविंद को राष्‍ट्रपति बनाए जाने का समर्थन किया है। कोविंद राष्‍ट्रीय परिदृश्‍य में आने से पहले बिहार राज्‍य के राज्‍यपाल पद पर तैनात थे। इसी पद पर रहते हुए पिछले साल दिसंबर में उन्‍होंने गुजरात राष्‍ट्रीय विधि विश्‍वविद्यालय में एक बयान दिया था, जिसपर खासा विवाद हुआ था। 30 जनवरी, 2016 को ‘सीमांत साहित्‍य पर डॉ बीआर अंबेडकर के प्रभाव’ विषय पर बोलते हुए कोविंद ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू और महात्‍मा गांधी का ‘एकमात्र उद्देश्‍य’ सत्‍ता हासिल करना था।

कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा था, ”जब भी कोई समाज सुधारक समाज और सामाजिक बुराइयों को चुनौती देता है, उसके विचारों का कोई स्‍वागत नहीं करता। बा‍बा साहेब ने पूरी जिंदगी यही किया। लेकिन जब एक राजनेता सरकार के खिलाफ बोलता है, उसकी तारीफ होती है, सम्‍मान होता है।” उन्‍होंने कहा, ”एक तरफ तो हमने नेहरू और गांधी को देखा जिनके लिए राजनैतिक ताकत पाना एकमात्र उद्देश्‍य था। उनकी तुलना अंबेडकर से करिए, उन्‍होंने कभी सत्‍ता की आकांक्षा नहीं की। उनका विश्‍वास था कि अगर सामाजिक बुराइयों का अंत होता है तो विकास जरूर होगा।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दलित कार्ड खेलते हुए सोमवार को बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर सभी राजनीतिक पार्टियों को हतप्रभ कर दिया। इस घोषणा से हैरान विपक्ष ने सत्ताधारी पार्टी पर एकतरफा फैसला लेने का आरोप लगाया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी की संसदीय दल की लगभग दो घंटे चली बैठक के बाद कहा, “हमने फैसला किया है कि रामनाथ कोविंद (71) राजग की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे।”

भाजपा के दलित मोर्चे के पूर्व प्रमुख तथा दो बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके कोविंद मई 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद बिहार के राज्यपाल बनाए गए थे। वह उत्तर प्रदेश के कानपुर के निवासी हैं।

रामनाथ कोविंद होंगे एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार

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