2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के लगातार तीसरी बार केंद्र में सत्ता में लौटने के बाद से बीजेपी ने न केवल अपने मुख्य सहयोगियों की मदद से संसद में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि देश भर की राज्य विधानसभाओं में भी अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाई है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में चल रहे बागी संकट के बीच बीजेपी संसद में अपनी स्थिति और मजबूत करने और पश्चिम बंगाल में अपने मुख्य विपक्षी दल को कमजोर करने की स्थिति में है। यह वह राज्य है जो अपनी शुरुआत के बाद से ही चुनावी रूप से बीजेपी की पहुंच से दूर रहा था।

2024 के लोकसभा चुनावों और अब के बीच पार्टियों की विधानसभा ताकत के विश्लेषण से पता चलता है कि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी के पास भारत के कुल 4123 विधायकों में से 37.16% से बढ़कर 43.97% विधायक हो गए हैं। इसी तरह, पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद एनडीए के पास 2024 में सभी विधायकों का 50.84% ​​हिस्सा था, जो अब बढ़कर 61.36% हो गया है।

बीजेपी के पास अब 1813 विधायक

विधानसभा वाले सभी 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बीजेपी के पास अब 1813 विधायक हैं, जबकि 2024 के आम चुनावों के बाद यह संख्या 1532 थी। वहीं, इसी अवधि में एनडीए के विधायकों की संख्या 2096 से बढ़कर 2530 हो गई है। जैसे-जैसे बीजेपी और
एनडीए ने देश भर में अपना दायरा बढ़ाया है, विपक्षी दलों और इंडिया ब्लॉक की स्थिति हर चुनाव में कमजोर होती गई है।

2024 के आम चुनावों के बाद, जहां इंडिया ब्लॉक के पास 1603 विधायक (या कुल संख्या का 38.88%) थे, वहीं किसी भी गठबंधन में शामिल न होने वाली पार्टियों के पास 321 विधायक (या 7.79%) थे। हालांकि, पिछले दो सालों में इंडिया ब्लॉक के विधायकों की संख्या घटकर 1011 (या कुल संख्या का 24.52%) रह गई है। यह गिरावट न सिर्फ खराब चुनावी नतीजों की वजह से आई है, बल्कि ब्लॉक में आई फूट के कारण भी हुई है। इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) और हाल ही में एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके विपक्षी गठबंधन से अलग हो गई हैं। वहीं, किसी भी गठबंधन में शामिल न होने वाले विधायकों की संख्या पिछले दो सालों में बढ़कर 563 या 13.66% हो गई है।

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 11 विधानसभा चुनाव हुए

2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से 11 विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें बीजेपी को 281 विधायक मिले हैं, जबकि उसके एनडीए सहयोगियों जैसे जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) और शिवसेना के विधायकों की संख्या में क्रमशः 36, 20 और 19 की बढ़ोतरी हुई है।

इसके उलट, विपक्षी पार्टियों में, जहां इसी दौरान कांग्रेस ने 18 विधायक गंवाए, वहीं डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल और आम आदमी जैसी पार्टियों के विधायकों की संख्या में क्रमशः 75, 51 और 37 की कमी आई है।

यह भी पढ़ें: ‘अगला चुनाव हमारा है’, INDIA गठबंधन के नेताओं से बोले राहुल- बीजेपी को हराना आसान

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं से कहा है कि लोगों के बीच पनप रहे गुस्से को देखते हुए अगला आम चुनाव पहले ही जीता जा चुका है लेकिन समस्या यह है कि जीतने के लिए कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही नहीं होगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…