मन की बातः पीएम मोदी ने किया गांधी जयंती पर खादी उत्पादों की रिकॉर्ड खरीदारी करने का आह्वान

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, हाल ही में उनके जन्मदिन पर हुई ‘ई-नीलामी’ के जरिए जो राशि प्राप्ति हुई है, वो धनराशि ‘नमामि गंगे’ अभियान को समर्पित की जाएगी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स – सोशल मीडिया)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर(रविवार) को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित किया। हर महीने के अंतिम रविवार सुबह 11 बजे से प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम का आज 81वां संस्करण था। इस संस्करण में पीएम मोदी ने आह्वान करते हुए देशवासियों से कहा कि, 2 अक्टूबर, बापू जंयती के दिन आप सब खादी उत्पादों की रिकॉर्ड खरीदारी कर एक नया रिकॉर्ड बनाएं। आपके आसपास जहां भी खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट बिकता हो, खरीदारी करें। दीपावाली नजदीक है, अपनी हर खरीदारी वोकल फॉर लोकल के इरादे को मजबूत करने और पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली हो।

नदियां मां समान हैं: मन की बात में पीएम मोदी ने विश्व नदी दिवस के मौके पर कहा, हमारी नदियां भौतिक चीजें नहीं है, बल्कि वे जीवंत इकाई है। इसीलिए तो हम नदियों को मां कहते हैं। हमारे पर्व, त्योहार, उत्सव, सभी नदियों के गोद में ही तो होते हैं। माघ के महीने में देश में बहुत से लोग पूरे एक महीने मां गंगा या किसी और नदी के किनारे कल्पवास करते हैं।

उन्होंने उन राज्यों और समुदायों की तारीफ की जो अपनी नदियों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “आज हम विश्व नदी दिवस मना रहे हैं, मैं देश भर के लोगों आग्रह करता हूं कि साल में कम से कम एक बार ‘नदी उत्सव’ मनाएं।” पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि, उनके जन्मदिन के मौके पर हुए ‘ई-नीलामी’ से जो धनराशि प्राप्त हुई है, वो ‘नमामि गंगे’ अभियान को समर्पित की जाएगी।

स्वच्छता अभियान पर जोर: पर्यावरण की रक्षा के अलावा पीएम मोदी ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने कहा, इतने दशकों के बाद आज स्वच्छता आंदोलन ने एक बार फिर देश को नए भारत के सपने से जोड़ने का काम किया है। यह अभियान हमारी आदतों को बदलने का अभियान भी बनता जा रहा है।”

महात्मा गांधी स्वच्छता के समर्थक थे: पीएम मोदी ने कहा कि, महात्मा गांधी स्वच्छता के समर्थक थे। उन्होंने स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाया और इसे आजादी के सपने से जोड़ा।” महात्मा गांधी के जीवन को देखें तो आप महसूस करेंगे कि उनके जीवन में छोटी बातों का काफी महत्व था। किसी भी संकल्प को उन्होंने छोटे स्वरूप में लिया और फिर उसे बड़ा बनाया। साफ-सफाई आंदोलन के जरिए आजादी के आंदोलन को बल मिला। महात्मा गांधी ने ही स्वच्छता को आंदोलन के रूप में जन-जन तक पहुंचाने का काम किया।

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