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मोदी सरकार में Padma Bhushan सम्मान से नवाजे जाने वाले पहले कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद के इन-आउट को लेकर कांग्रेस में हलचल

कांग्रेस की परेशानी तब और बढ़ गई थी जब गुलाम नबी आजाद पिछले साल दिसंबर में जम्मू कश्मीर में ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे थे। उनकी रैलियों में आने वाली भीड़ ने पार्टी आलाकमान को चिंता में डाल दिया था।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद। ( एक्सप्रेस फोटो)।

कांग्रेस के मुखर नेताओं में से एक जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को मोदी सरकार द्वारा पद्म भूषण देने का ऐलान किया गया है। ऐसा तब हुआ है जब जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने में अधिक वक्त नहीं है। बता दें कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। उनका नाम उन 23 नेताओं में शामिल है जिन्होंने पार्टी नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर आलाकमान को पत्र लिखा था।

मोदी सरकार में इस सम्मान को पाने वालों में गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के पहले नेता हैं। इससे पहले प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न मिला था, लेकिन यह राष्ट्रपति के तौर पर कार्य करने के बाद आधिकारिक तौर पर राजनीति से ऊपर माना जाता है। बता दें कि इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी गुलाम नबी आजाद की तारीफ भी कर चुके हैं। ऐसे में पद्म भूषण की घोषणा को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में दिखा चुके हैं अपनी ताकत: बता दें कि पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की डिसिप्लिनरी ऐक्शन कमिटी का दोबारा गठन किया था। इस पैनल से आजाद का नाम बाहर कर दिया गया था। यह उस समय हुआ जब जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के 20 नेताओं ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि ये सभी आजाद के करीबी माने जाते हैं।

कांग्रेस में आजाद को नजरअंदाज किये जाने और पीएम मोदी द्वारा तारीफ किये जाने के बाद अब उन्हें पद्म भूषण सम्मान का ऐलान किया गया है। ऐसे में गुलाम नबी के कांग्रेस में इन-आउट को लेकर काफी चर्चा है। दरअसल कहा जाता है कि पार्टी आलाकमान ने भी कई बड़े मौकों पर गुलाम नबी आजाद की गतिविधियों के चलते नजरअंदाज किया। ऐसे में आजाद हाशिये पर जाते दिखे।

इतना ही नहीं कांग्रेस की परेशानी तब और बढ़ गई थी जब गुलाम नबी आजाद पिछले साल दिसंबर में जम्मू कश्मीर में ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे थे। उनकी रैलियों में आने वाली भीड़ ने पार्टी आलाकमान को चिंता में डाल दिया था। इसके बाद अब 24 जनवरी को कांग्रेस ने अपने 30 स्टार प्रचारकों के नाम घोषित किये। इसमें गुलाम नबी आजाद का भी नाम शामिल है।

कांग्रेस में गुलाम नबी आजाद को लेकर हलचल इसलिए भी बढ़ी है कि पार्टी के कुछ दिनों में हाल ही में भाजपा में शामिल हो चुके हैं। आरपीएन सिंह इनमें ताजा नाम है। वहीं पीएम मोदी के साथ गुलाम नबी आजाद के रिश्तों को देखते हुए उकने पार्टी में रहने और जाने की अटकलों को हवा लगी है।

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