MSP पर मोदी सरकार की सकारात्मक पहल, वार्ता के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे 5 नेताओं के नाम

बता दें कि पिछले एक साल से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सभी सीमाएं घेरकर बैठे किसान संगठन केवल कृषि कानून वापसी से सहमत नहीं हैं। अब वो एमएसपी पर गांरटी कानून की मांग कर रहे हैं।

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राकेश टिकैत ने कहा कि पीएम ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने को लेकर जुबान दी हुई है(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

संसद के दोनों सदनों से कृषि कानूनों की वापसी होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा एमएसपी पर गारंटी कानून की मांग कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि एमएसपी गारंटी कानून के बिना किसान अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। वहीं अब केंद्र सरकार की तरफ से इस मांग को लेकर सकारात्मक पहल की गई है।

बता दें कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) को लेकर सरकार किसानों से वार्ता करने को लेकर तैयार हो गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा को एमएसपी के मुद्दे पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है।

सरकार की तरफ से इस प्रस्ताव को लेकर किसान मोर्चे को अपने उन 5 नेताओं के नाम देने के लिए कहा गया है, जो सरकार के साथ बातचीत के दौरान बैठक में मौजूद रहेंगे। किसान मोर्चा से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी 4 दिसंबर को आंदोलन वापसी की घोषणा हो सकती है। दरअसल ज्यादातर किसान संगठन कृषि कानूनों की वापसी के बाद आंदोलन को खत्म करने के हक में हैं।

हालांकि राकेश टिकैत और गुरनाम चढ़ूनी अभी आंदोलन को जारी रखना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ से किसानों पर दर्ज किये गए मुकदमे भी वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने सभी राज्यों में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने संबंधी निर्देश दिया है।

अभी आंदोलन खत्म नहीं: राकेश टिकैत ने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत सरकार 4 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक से पहले एमएसपी गांरटी कानून और आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के मामले पर हमारे साथ बैठक करे। हमारा आंदोलन अभी खत्म नहीं हो रहा है। सरकार ने अभी तक हमारी मांगों को स्वीकार नहीं किया है।

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