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शीतकालीन सत्र की रणनीति के लिए 24 को राजग की बैठक

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आगामी 24 नवंबर को बैठक करेंगे। बैठक में सत्र के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीति तैयार की जाएगी...

बजट सत्र में सरकार जीएसटी बिल को पास कराना चाहेगी लेकिन दलित छात्र की आत्‍महत्‍या जैसे मुद्दों पर विपक्ष मुखर है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आगामी 24 नवंबर को बैठक करेंगे। बैठक में सत्र के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीति तैयार की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सत्र के अगले दिन 25 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि सदन को सुगमता से चलाने के उपायों पर विचार किया जा सके।

सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दलों की सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर मोर्चेबंदी करने की संभावना और इसके कारण संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के संकेतों के बीच सरकार इस बैठक के अलावा बुधवार को सभी दलों के नेताओं की अलग से बैठक बुलाने पर भी विचार कर रही है। बैठक का उद्देश्य जीएसटी समेत लंबित अहम विधेयकों को पारित कराने पर सहमति बनाना है। राजग की यह बैठक पहले 18 नवंबर को होनी तय थी लेकिन विहिप नेता अशोक सिंघल के निधन की वजह से उसे रद्द कर देना पड़ा।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि विधायी कार्य को सुगमता से चलाने और पूरे तालमेल के साथ अहम विधेयकों को पारित कराने की रणनीति तैयार की जा सके। संसद का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर को शुरू होगा और 23 दिसंबर तक चलेगा। बिहार में राजग की करारी हार के बाद से यह पहला संसद सत्र है।

26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अपनाए जाने की जयंती और संविधान के रचयिता दलित नेता बाबा साहेब बीआर आंबेडकर के सम्मान में संसद सत्र के शुरुआती दो दिन विशेष बैठक होगी। बाबा साहेब के सम्मान में और संविधान को अपनाए जाने के संवेदनशील मुद्दे के कारण हो सकता है कि पहले दो दिन विपक्षी दल कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश नहीं करें। संसद की सामान्य बैठक 30 नवंबर को शुरू होने के बाद हालांकि विपक्ष असहिष्णुता, पुरस्कार वापसी, दादरी हत्याकांड, कीमतों के बढ़ने और केंद्र राज्य संबंधों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकता है।

मानसून सत्र पूरी तरह हंगामेदार रहा था और उस दौरान सरकार कोई खास विधायी कार्य नहीं करा पाई थी। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने ललित मोदी मामले को लेकर सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफों की और व्यापमं घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की जोरदार मांग उठाकर सरकार को परेशानी में डाल दिया था। सरकार ने हालांकि सदन में इन मुद्दों पर बहस कराने की बात कहते हुए इस्तीफों की मांग को खारिज कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि इस समय लोकसभा में आठ और राज्यसभा में 11 विधेयक लंबित हैं। इनमें मुख्य विधेयक जीएसटी विधेयक और भूमि विधेयक हैं।

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