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ND तिवारी के बेटे की हत्या: रोहित के गले पर मिले निशान, मां-पत्नी और भाई से हुई पूछताछ

पांच डॉक्टरों की एक टीम ने रोहित का पोस्टमार्टम किया। जिसमें उनके गले पर निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट में उनकी मौत को 'अस्वाभाविक' बताया गया है।

पिता एनडी तिवारी के साथ रोहित तिवारी (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी (39) की मौत गला घोंटे जाने से हुई थी। शुक्रवार (19 अप्रैल 2019) को ऑटोप्सी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने मर्डर का केस दर्ज कर क्राइम ब्रांच को इसकी जांच सौंप दी है।

पांच डॉक्टरों की एक टीम ने रोहित का पोस्टमार्टम किया। जिसमें उनके गले पर निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट में उनकी मौत को ‘अस्वाभाविक’ बताया गया है। एम्स के फोरेंसिक साइंस विभाग के मुखिया डॉक्टर सुधीर ने कहा कि एक या इससे ज्यादा तकिए से दम घुंटने से उनकी मौत हुई है। वहीं पुलिस ने रोहित के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर से कुछ तकिए भी बरामद किए हैं। जिसमें से एकपर खून के निशान पाए गए हैं। एक अधिकारी ने कहा है कि अभी पूरी ऑटोप्सी रिपोर्ट की इंतजार करना होगा। अगले हफ्ते तक पूरी रिपोर्ट सामने आ जाएगी और तस्वीर साफ हो जाएगी।

बता दें कि दक्षिण दिल्ली के एक अस्पताल में जब रोहित शेखर को लाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

पुलिस ने रोहित के घरवालों से पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान घरवालों के बयानों पर विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने घर के नौकरों से भी पूछताछ की। वहीं रोहित शेखर की मां उज्जवला ने कहा है कि ‘मेरा बेटा तनाव में था। रोहित का उनकी पत्नी से तनाव चल रहा था। दोनों ने लव मैरिज की है। रोहित ने शराब पी रखी थी।’

बता दें कि घटना वाले दिन रोहित की मां घर पर नहीं थीं। वह तब अस्पताल में चेक-अप के लिए गई थीं। घटना के वक्त रोहित के भाई सिद्धार्थ और रोहित की पत्नी अपूर्वा घर पर ही मौजूद थे। रोहित के घर से अस्पताल को इमरजेंसी कॉल आया जिसमें सूचना मिली कि रोहित की नाक से खून बह रहा है। फिर एंबुलेंस बुलाकर रोहित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, रोहित उत्तराखंड के काठगोदाम में वोट डालकर रात करीब 11:30 बजे वापस लौटे थे। इसके बाद अगले दिन शाम 4.41 बजे अस्पताल को फोन कॉल के जरिए उनकी हालत के बारे में पता चला।

मालूम हो कि एनडी तिवारी ने दो शादी की थी। उन्होंने साल 1954 में सुशीला तिवारी से शादी की थी, जबकि 14 मई 2014 को दूसरी बार शादी रचाई थी। वह तब 88 साल के थे और उन्होंने उज्ज्वला तिवारी को जीवन संगिनी चुना था।

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