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NCRB DATA: जोरों पर है बाल मजदूरी, नाबालिग से बलात्कार की शिकायतों के 25 प्रतिशत मामलों में दोषी मालिक या साथ का कर्मचारी

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की तरफ से हैरान कर देने वाले आकड़ें सामने लाए गए हैं। इसमें बताया गया है कि नाबालिगों से रेप के 25 प्रतिशत मामलों में दोषी उनको काम देने वाला मालिक या फिर उनके साथ काम करने वाला कर्मचारी होता है।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की तरफ से हैरान कर देने वाले आकड़ें सामने लाए गए हैं। इसमें बताया गया है कि नाबालिगों से रेप के 25 प्रतिशत मामलों में दोषी उनको काम देने वाला मालिक या फिर उनके साथ काम करने वाला कर्मचारी होता है। इन आकड़ों से यह भी पता लगा कि देश में बाल मजदूरी अब भी जोरों पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) का यह डाटा साल 2015 का है। इसमें बताया गया है कि सालभर में नाबालिगों के शारीरिक शोषण के कुल 8,800 मामले सामने आए। इनमें से 2,227 मामले यानी 25.3 प्रतिशत में उनका मालिक या फिर साथ का कर्मचारी जिम्मेदार था। NCRB ने पीड़ित और उसपर अत्याचार करने वालों के संदर्भ में पहली बार ऐसा डाटा रिलीज किया है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में शोषण करने वालों में सबसे ज्यादा बार पड़ोसी दोषी पाया गया। 3,149 यानी 35 प्रतिशत मामलों में पड़ोसी ने बच्चे पर बुरी नजर रखी। वहीं, 10 प्रतिशत केस ऐसे थे जिसमें पीड़ित के घरवाला ही कोई घटना को अंजाम देने में शामिल पाया गया। 94.8 प्रतिशत केसों में पीड़ित का शोषण करने वाला परिचित निकला।

NCRB ने महिलाओं से जुड़े कुछ आंकड़े भी पेश किए हैं। इसमें पता लगा है कि सबसे ज्यादा शारीरिक शोषण के मामलों में पड़ोसी या फिर कोई ऐसा शख्स शामिल होता है जिसने उनसे शादी का वादा किया होता है। 2015 में दर्ज हुए मामलों में से 27.5 प्रतिशत में पड़ोसी शामिल पाया गया। वहीं 22 प्रतिशत में ऐसा शख्स शामिल था जिसने महिला से शादी का वादा किया हो। 95.5 प्रतिशत मामले ऐसे थे जिसमें शख्स को महिला पहले से जानती थी। वहीं 9 प्रतिशत मामलों में परिवार के किसी शख्स ने ही लड़की पर बुरी नजर रखी। डाटा के मुताबिक, 2015 में कुल 34,651 रेप के केस दर्ज किए गए। 488 मामलों में लड़की के दादा, पिता, भाई और बेटे ने ही उसका बलात्कार किया।

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