आरएसएस की आलोचना पर NCPCR के तेवर हुए तीखे, सरस्वती स्कूल पर टिप्पणाी करने के मामले में दिग्विजय सिंह से मांगा जवाब

बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी को भी पत्र लिखा है और इस मामले की जांच करने के लिए कहा है।

आरएसएस संचालित शिशु मंदिर के छात्रों पर दिए गए बयान को लेकर बाल संरक्षण आयोग ने दिग्विजय सिंह को नोटिस भेजा है और तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा है। (एक्सप्रेस फोटो)

अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस नेता व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पिछले दिनों सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों के ऊपर किए गए एक टिप्पणी को लेकर फंसते नजर आ रहे हैं। आरएसएस संचालित शिशु मंदिर के ऊपर किए गए टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने उन्हें नोटिस भेज कर उनसे जवाब मांगा है। साथ ही बाल संरक्षण आयोग ने मध्यप्रदेश के डीजीपी को भी पत्र लिखकर जांच करने के लिए कहा है और सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने शिशु मंदिर के छात्रों पर दिए गए बयान को लेकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ हुई एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस भेजा है और उन्हें तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा है। दिग्विजय सिंह को भेजे गए पत्र में उन्होंने लिखा है कि आपके द्वारा की गई टिप्पणी प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। साथ ही यह किशोर न्याय कानून के सिद्धांतों के भी विपरीत प्रतीत होता है।

वहीं बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी को भी दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर पत्र लिखा है। पत्र में प्रियंक ने लिखा है कि बच्चों ने सरस्वती शिशु मंदिर को लेकर दिए गए बयानों को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की शिकायत की है और उनपर कार्रवाई करने की मांग की है। इसलिए इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्दी से जल्दी जांच की जाए और सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश की जाए।

दरअसल शनिवार को भोपाल के नीलम पार्क में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने आरएसएस संचालित शिशु मंदिर को लेकर टिप्पणी की थी। कांग्रेस नेता व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर में बचपन से ही बच्चों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोया जाता है । वहीं नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।

दिग्विजय सिंह के इन बयानों पर कई भाजपा नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि दिग्विजय सिंह जी, आतंकवादी ओसामा के नाम के साथ ‘जी’ लगाना, आतंकी जाकिर नाईक को ‘शांतिदूत’ बताना, बटाला हॉउस एनकाउंटर को झूठा बोलकर इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की शहादत को अपमानित करना, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना, ये सब कांग्रेस की किस पाठशाला में पढ़ाया जाता है? देश जानना चाहता है. कैलाश विजयवर्गीय के अलावा कई और भाजपा नेताओं ने इन बयानों को लेकर दिग्विजय सिंह की आलोचना की थी।

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