महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे क्षेत्र में मिलावटी शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जबकि विपक्ष लगातार राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि मिलावटी शराब बनाना कानूनन अपराध है। फिर भी ऐसी शराब राज्य के अंदर बनी और बिकी।
साथ ही उसे पीने से लोगों की मौत भी हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि राज्य की पुलिस आखिर क्या कर रही है। क्या वो भी ऐसे माफियाओं से मिली हुई है, जो इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
एनसीपी शरद पवार के विधायक रोहित पवार ने कहा, “पिछले दो-तीन दिनों में घटिया और मिलावटी शराब पीने से करीब आठ लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस इन मौतों को हार्ट अटैक या अन्य कारण बताकर सच्चाई छिपाने और इस अवैध कारोबार को चलाने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है। पुणे में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं। पुलिस विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है।”
उन्होंने कहा, ” ये आठ मौतें सिर्फ सामने आई घटनाएं हैं, असली संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है। अगर राज्य सरकार और पुणे पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, तो इसका मतलब है कि पुलिस विभाग भी इस अवैध धंधे में शामिल है।”
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पिंपरी-चिंचवड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाकों में जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हुई। इसके अलावा पुणे के काले पड़ाल इलाके में तीन और हडपसर में दो लोगों की मौत की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल मृतकों की संख्या 15 पहुंच चुकी है।
बताया जा रहा है कि यह अवैध शराब योगेश वानखेड़े नामक शख्स द्वारा तैयार की गई थी, जो कथित तौर पर लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में शामिल है। उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कथित जहरीली शराब कांड पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को स्पष्ट आदेश देते हुए कहा, “किसी को बख्शा न जाए। कड़ी कार्रवाई करें।” पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस को संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले से जुड़े कई ठिकानों पर फिलहाल छापेमारी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं लगाई गई हैं। आबकारी विभाग भी जांच में शामिल हो गया है और मौतों की सही वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
