महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने शुक्रवार को मुंबई की एक अदालत में याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने पुलिस से वांछित आरोपी अनमोल बिश्नोई को तुरंत हिरासत में लेने का निर्देश देने की मांग की है। उनका कहना है कि हत्या के मामले की सुनवाई शुरू होने वाली है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी को हिरासत में लेने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
अनमोल बिश्नोई को नवंबर, 2025 में अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया था। अनमोल वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 27 आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं।
अधिवक्ता त्रिवंकुमार करनानी के माध्यम से दायर एक हस्तक्षेप याचिका (Intervention Application) में शहजीन सिद्दीकी ने सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि अनमोल को निर्वासित किए जाने और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बावजूद मुंबई पुलिस ने उसकी हिरासत क्यों नहीं मांगी।
याचिका में कहा गया है कि सिद्दीकी की बेटी ने अनमोल का पता लगाने की कोशिश की। जिसके बाद जानकारी मिली कि वह अमेरिका में है। उसके प्रत्यर्पण के बाद परिवार को बताया गया कि वह पहले अन्य मामलों के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में था। हालांकि, याचिका में आरोप लगाया गया है कि न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भी मुंबई पुलिस ने उसकी हिरासत के लिए अदालत में याचिका दायर नहीं की।
याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि जांच एजेंसी हत्या के पीछे कथित बड़ी साजिश का पता लगाने में विफल रही और अनमोल को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचानने के बावजूद उसे हिरासत में लेने से बच रही है। याचिका में मांग की गई है कि उसे बाद में अलग से मुकदमा चलाने के बजाय चल रहे मुकदमे का हिस्सा बनाया जाए।
पिछले महीने, अनमोल ने अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर अप्रैल 2024 में हुई गोलीबारी के मामले में आत्मसमर्पण करने की इच्छा व्यक्त करते हुए एक याचिका दायर की थी। हालांकि, उन्होंने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आत्मसमर्पण करने की इच्छा नहीं जताई है।
पुलिस का आरोप है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या अनमोल बिश्नोई के निर्देश पर की गई थी, क्योंकि वह सलमान खान के करीबी थे। बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर, 2024 को बांद्रा ईस्ट में उनके बेटे पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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शिवसेना एक ऐसी पार्टी जिसकी स्थापना उद्धव ठाकरे के पिता बाला साहब ठाकरे ने 19 जून 1966 को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी,लेकिन 17 नवंबर 2012 को बाला साहब ठाकरे के निधन के बाद शिवसेना में विभाजन और सत्ता संघर्ष का एक बड़ा दौर शुरू हुआ। पढ़ें पूरी खबर।
