महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके सांसद बेटे पार्थ पवार की सोमवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात हुई। सुनेत्रा पवार एनसीपी की प्रमुख भी हैं। एनसीपी ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व, नियंत्रण और इसके भविष्य की दिशा को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
राज्यसभा सांसद पार्थ पवार ने सोशल मीडिया पर इस बैठक के बारे में जानकारी दी। पवार ने कहा कि प्रशांत किशोर से देश, राज्य और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
पार्थ पवार की इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों और एनसीपी के भीतर हलचल देखने को मिली। महाराष्ट्र में यह बैठक ऐसे वक्त में हुई जब एनसीपी हाल ही में अपने संगठन के पुनर्गठन के बाद अनिश्चितता से जूझ रही है।
एनसीपी में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज
पार्थ पवार ने प्रशांत किशोर के एनसीपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर ने कहा कि वह एनसीपी के साथ काम नहीं कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी (शरद पवार) के नेताओं से भी मुलाकात की थी। प्रशांत किशोर अपनी जन सुराज पार्टी के जरिए बिहार पर फोकस कर रहे हैं लेकिन अभी भी राष्ट्रीय राजनीति में उनकी चर्चा होती है।
सुनेत्रा-पार्थ पवार के साथ प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच बेचैनी का माहौल है और यह बेचैनी पिछले कई सालों से एनसीपी के भीतर दिखाई दे रही है। 2023 में एनसीपी का बंटवारा हुआ था और उसके बाद से अजित पवार और अब उनकी पत्नी सुनेत्रा और बेटे पार्थ पवार पार्टी संगठन और राजनीतिक फैसले लेने में अहम भूमिका में रहे हैं।
सुनेत्रा और पार्थ के समर्थक इस मुलाकात को पार्टी के भीतर पीढ़ीगत के परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं लेकिन कई वरिष्ठ नेता इसे लेकर असहज हैं। एनसीपी के भीतर संगठन में नियुक्तियों, उम्मीदवारों के चयन को लेकर विवाद हुआ था और इस तरह की भी आशंका थी कि प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।
एनसीपी के कुछ सदस्यों का कहना है कि सुनेत्रा-पार्थ पवार की प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात निजी बैठक थी और इसे बहुत ज्यादा तूल नहीं दिया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के सभी ऑफिसों का होगा इंस्पेक्शन
टीसीएस नासिक मामले के बाद महाराष्ट्र सरकार सभी ऑफिसों की जांच करने जा रही है। यह देखा जाएगा कि कार्यस्थल पर यौन शोषण के खिलाफ बने नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है या नहीं। इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
