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आधा दर्जन राज्यों में बीजेपी की हार से गदगद 79 वर्षीय मराठा छत्रप, देशव्यापी एंटी बीजेपी गठजोड़ बनाने की थामी कमान

एनसीपी प्रमुख ने क्षेत्रीय दलों के एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत एकजुट होने और भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए एक स्थिर सरकार मुहैया करने पर जोर दिया।

Sharad Pawarएनसीपी प्रमुख शरद पवार। (file)

दिल्ली चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देते हुए आप के एक बार फिर से प्रचंड जीत हासिल करने पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार (79) ने मंगलवार (11 फरवरी, 2020) को कहा कि ये नतीजे देश में ‘बदलाव के मूड’ के प्रतीक हैं। इस दौरान मराठा छत्रप ने भगवा दल को सत्ता से बाहर रखने के लिए राज्यों में क्षेत्रीय दलों के एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में 62 पर जीत दर्ज की है। भाजपा ने आठ सीटों पर जीत हासिल की है। हालांकि, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया है।

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि दिल्ली चुनाव के नतीजों ने संकेत दिया है कि देश में ‘बदलाव की हवा’ बह रही है। उन्होंने कहा, ‘आज का नतीजा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न राज्यों के लोग रहते हैं। उनके अपने राज्यों में भी बदलाव का माहौल है जो उन्होंने दिल्ली में मतदान के दौरान प्रकट किया।’ पवार ने कहा कि क्षेत्रीय दलों या विकल्पों (भाजपा के) अपने-अपने राज्यों में मजबूत होने का रुझान है। भाजपा की हार प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, ‘राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हार के बाद ये भाजपा की अंत की शुरुआत थी।’ भाजपा को दिल्ली चुनाव से पहले झारखंड में भी हार का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने क्षेत्रीय दलों के एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत एकजुट होने और भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए एक स्थिर सरकार मुहैया करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘केरल में वाम पार्टी है … महाराष्ट्र में हमने कुछ प्रयोग किया। इसका मतलब है कि आगे बढ़ने के लिए सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम पर एकसाथ आने की आवश्यकता है और मुझे यकीन है कि लोग इसका समर्थन करेंगे।’ पवार ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के बीच यह भावना है कि भाजपा देश के लिए “आपदा” की तरह है और एकजुट होकर खड़े रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘पिछली बार हम कोलकाता में एकसाथ आए थे और अपना रुख सामने रखा था। आज लोगों को हमसे उम्मीदें हैं और एक सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम के साथ आने की जरूरत है।’ पवार का परोक्ष तौर पर इशारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आयोजित विपक्षी दलों की उस रैली की ओर था जो उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी 2019 में कोलकाता में थी। (एजेंसी इनपुट)

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