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कोबरा कमांडो को नक्सलियों ने बनाया बंधक? बीजापुर हमले में 22 जवानों की शहादत के तीन दिन बाद भी लापता

सुकमा- बीजापुर बॉर्डर पर जंगल में हुई नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए। एनकाउंटर के बाद से ही जवान राकेश्वर सिंह लापता हैं।

Author , Translated By अंकित ओझा रायपुर | Updated: April 6, 2021 8:56 AM
crpf jawan, naxal attackसीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह की पत्नी मीनू मानहस। फोटो- एपी

सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद CoBRA यूनिट का एक जवान लापता है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने उसे बंधक बना लिया है। शनिवार को तेकलागुडम में हुए एनकाउंटर के बाद 22 जावनों के शव पाए गए हैं। बस्तर के आईजी पुलिस पी सुंदरराज ने बताया कि सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के जवान राकेश्वर सिंह लापता हैं जो कि जम्मू के रहने वाले हैं।

CoBRA जवान के बारे में सवाल पूछे जाने पर बीजापुर के एसपी कामलोचन कश्यप ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि जवान ज़िंदा है। माओवादी उसे लेकर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि राकेश्वर सिंह के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जिन जवानों के शव मिले हैं उनमें राकेश्वर सिंह नहीं थे। एनकाउंटर के बाद वह अपने कैंप में वापस भी नहीं लौटे। ऐसे में उनकी किडनैपिंग की ही आशंका है।

एक सूत्र ने बताया, ‘एक दिन पहले हमें जानकारी मिली कि वह जिंदा हैं और माओवादी उन्हें लेकर चले गए हैं। वे कहां लेकर गए हैं, यह नहीं बताया जा सकता। उन्हें किस तरह किडनैप किया गया, इसका बाद में पता लगाया जाएगा। अभी हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी तरह राकेश्वर सिंह को माओवादियों के चंगुल से छुड़ाकर वापस लाया जाए।’

इसी बीच कमांडैंट पीसी गुप्ता नेतहार में राकेश्वर सिंह के घऱ पहुंचे और उन्होंने परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि उन्हें छुड़ाने की पूरी कोशिश की जाएगी। उन्होंने राकेश्वर की पत्नी मीनू मानहस को बताया कि सरकार और विभाग उन्हें वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहा है। सोमवार को माओवादियों ने दो स्थानीय पत्रकारों को फोन किया था और बताया था कि राकेश्वर उनकी गिरफ्त में हैं और ज़िंदा हैं। माओवादियों ने यह भी कहा था कि जवान घायल हुआ था लेकिन अब ठीक है। उनका इरादा उन्हें नुकसान पहुंचाने का नहीं है और दो-तीन दिन में ही छोड़ दिया जाएगा।

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दूसरे पत्रकार ने बताया कि माओवादियों ने केवल दो लाइन का संदेश दिया है। ‘वह ठीक हैं और उन्हीं के पास हैं।’ पत्रकार ने कहा कि बाकी जानकारी के लिए इंतजार करना होगा। एक प्रेस रिलीज में माओवादियों ने कहा था कि बेरोजगारी की वजह से जो लोग पुलिस फोर्स में शामिल हो गए हैं वे वहां से निकलें और ‘जन आंदोलन’ में शामिल होकर अपने स्वाभिमान की रक्षा करें।

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