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सरेंडर के बाद पटियाला जेल पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू, ऐसे आया जिंदगी में ट्विस्‍ट

रोड रेज के 34 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 1 साल की सजा सुनाई है।

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सिद्धू ने AAP का मेनिफेस्टो जारी कर टीचरों और कॉलेजों के वादे पूरा न करने का आरोप लगाया (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

तकरीबन 1 साल पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को ठिकाने लगाया तो वो पंजाब की राजनीति में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे। उनके सितारे अर्श पर थे। हर जगह उनके नाम का बोलबाला था। केजरीवाल भी उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कराने के इच्छुक थे। लेकिन आज शाम करीब चार बजे जब वो पटियाला जेल पहुंचे तो उनके सितारे फर्श पर आते दिखे। बुझा चेहरे पर घबराहट जिंदा दिल सिद्धू का हाल साफ बयां कर रही थी।

सिद्धू का मौजूदा हाल देखकर इस बात पर पूरा यकीन हो जाता है कि बुरा वक्त कभी बोलकर नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले को नाकाफी माना जिसमें उन्हें महज 1000 रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि ये फैसले की तौहीन है कि इतने गंभीर मामले में इतनी कम सजा दी। अदालत के पास लोग ये विश्वास लेकर जाते हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा। सिद्धू को जो सजा मिली वो न्याय पर कुठाराघात है। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। कोर्ट ने सिद्धू को 1 साल के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानकर सिद्धू शुक्रवार शाम 4 बजे पटियाला जेल पहुंच गए। उनका बाकी का 1 साल अब वहीं गुजरेगा। खास बात है कि सिद्धू जब जेल से बाहर आएंगे तो उनका भविष्य क्या होगा। ये तो तय है कि राजनीतिक रूप से वो बेमतलब होकर रह जाएंगे। कांग्रेस ने सिर पर बिठाने के बाद तभी उनसे मुंह मोड़ लिया था जब उन्होंने अमरिंदर की सीएम पद से रुखसती के बाद इस्तीफा दे दिया था। गांधी परिवार को उनका ये कदम बहुत ज्यादा अखरा क्योंकि उन्होंने सबको ताक पर रखकर सिद्धू को पीपीसीसी प्रेसीडेंट बनाया था। सिद्धू ने उनको ही आईना दिखाने में कसर नहीं छोड़ी।

हाल फिलहाल में सिद्धू कांग्रेस पर वार का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे। वो गांधी परिवार पर भी सवाल उठाने लगे थे। कुछ दिन पहले ही वो सीएम भगवंत मान से मिलकर आए तो बाग-बाग दिखे। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की आलोचना शुरू की तो उसके साथ की पिक्चर ट्वीट करके भी उन्होंने गांधी परिवार का मजाक उड़ाने में कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस उनको बाहर का रास्ता दिखाने के मूड़ में पहले से ही दिख रही थी। लेकिन उससे पहले ही ये फैसला आ गया।

शैरी जेल से लौटेंगे तो कांग्रेस उनके लिए अपना दरवाजा खोलकर रखेगी इस पर यकीन करना मुश्किल है। पंजाब की राजनीति में फिलहाल सबसे बड़ा नाम केजरीवाल की पार्टी है। सिद्धू भगवंत मान के जरिए दिल्ली के सीएम तक पकड़ बनाने की फिराक में थे। लेकिन अब उनके ही सितारे गर्दिश में आ गए। सिद्धू को वो अब मिलने से भी गुरेज करेंगे। बीजेपी हमेशा के लिए पराई हो चुकी है तो अकाली के पास जाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। शैरी उनके जानी दुश्मन जो हैं।

1988 का था मामला

रोड रेज के 34 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 साल की सजा सुनाई है। 1988 में पंजाब में हुई रोड रेज की एक घटना में सिद्धू के मुक्के के प्रहार से एक बुर्जुग की मौत हो गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले सिद्धू को गैर-इरादतन हत्या से बरी कर दिया था और एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। लेकिन इस मामले में रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए अब शीर्ष अदालत ने सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई है।

1988 में पंजाब के पटियाला में गाड़ी पार्किंग को लेकर 65 वर्षीय गुरनाम सिंह से सिद्धू का विवाद हो गया था। इसमें गुरनाम की मौत हो गई थी। उनके परिजनों ने 2010 में एक टीवी शो की सीडी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें सिद्धू पर गुरनाम को मारने की बात स्वीकार करने का आरोप लगा। 1999 में पंजाब की निचली अदालत ने सिद्धू को बरी कर दिया था। लेकिन दिसंबर 2006 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 304-II के तहत सिद्धू और एक अन्य को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए 3-3 साल कैद की सजा सुनाई। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को गैर-इरादतन हत्या के आरोपों से बरी करते हुए एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।

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