नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) प्रश्न पत्र को तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने पर काम कर रही है। NEET-UG 2026 का पेपर लीक होने के बाद से एनटीए की काफी फजीहत हो चुकी है। पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा की प्रक्रिया में जो खामियां हैं, वे सामने आई हैं।

बदलाव करने का प्रस्तावित तरीका यह है कि किसी परीक्षा के लिए पेपर तैयार करने की प्रक्रिया को दूसरी परीक्षाओं से पूरी तरह अलग कर दिया जाए। इसे अधिकारियों द्वारा ‘जीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर’ कहा गया है। इसमें सिस्टम व्यक्ति से ज्यादा प्रक्रिया पर भरोसा करता है।

सरकार अगले साल की परीक्षा के लिए इसे लेकर विचार कर रही है। इससे होगा यह कि जिन एक्सपर्ट्स को प्रश्न तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, उन्हें यह नहीं बताया जाएगा कि वे जो प्रश्न तैयार कर रहे हैं उन्हें NEET, JEE या NTA द्वारा आयोजित किस परीक्षा के प्रश्न पत्र में शामिल किया जाएगा।

प्रश्न बैंक बनाएगा एनटीए

एक्सपर्ट्स के द्वारा तैयार किए गए सवालों को प्रश्न बैंक में रखा रखा जाएगा। इस प्रश्न बैंक से ही प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे और इससे होगा यह कि फाइनल प्रश्न पत्र की जानकारी सिर्फ कुछ ही लोगों को होगी।

NEET-UG 2026 का पेपर लीक होने का मामला काफी तूल पकड़ गया है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई ने प्रश्न पत्र को लीक करने के आरोप में ट्रांसलेटर्स और एक्सपर्ट्स सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने NEET-UG 2026 के पेपर के अलग-अलग हिस्सों को लीक किया है।

मानवीय दखल को कम करने की कोशिश

इस मामले में एक वरिष्ठ सरकारी अफसर का कहना है कि अगर प्रश्न पत्र से किसी तरह की छेड़छाड़ होती है तो यह सिस्टम के डिजाइन और इसके स्ट्रक्चर की समस्या है। उन्होंने बताया कि हम इस मामले में मानवीय दखल को कम करना चाहते हैं और इसके लिए ‘जीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर’ सिस्टम की जरूरत है।

अधिकारी के मुताबिक, नए मॉडल में सब्जेक्ट के एक्सपर्ट की भूमिका बदल जाएगी। बजाय इसके कि किसी एक विशेष परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने के वे कॉमन क्वेश्चन बैंक बनाने में अपनी सेवाएं देंगे और उन्हें इस बात का भी पता नहीं होगा कि उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले सवालों का इस्तेमाल कहां किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्तावित प्रक्रिया का मकसद यह है कि किसी भी शख्स को पूरे प्रश्न पत्र का पता ना हो इसलिए एनटीए प्रश्न पत्रों का बैंक बनाने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हम 10000 सवालों का एक बैंक बना सकते हैं और फाइनल प्रश्न पत्र इसी बैंक से तैयार किया जा सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की योजना

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अनुवाद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं और इसलिए इसमें भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में एनटीए ने हलफनामा दाखिल किया था और कहा था कि वह अनुवाद प्रक्रिया के 85% काम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। एनटीए ने कहा था कि बाकी का काम लोगों द्वारा किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, ट्रांसलेटर की भूमिका सिर्फ इतनी ही होनी चाहिए कि किसी बात का अर्थ सही ढंग से सामने आ पाया है या नहीं।

प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया था और अब एनटीए 21 जून को फिर से परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा था।

नीट यूजी UG 2026 में क्या सिर्फ सवाल लीक हुए थे?

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 विवादों का केंद्र बन चुकी है। कथित तौर पर पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने, सीबीआई जांच, कई राज्यों से गिरफ्तारियों और संसद की समिति में हुई पूछताछ के बाद यह मामला अब सिर्फ परीक्षा गड़बड़ी नहीं बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।