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TCS, Infosys जैसी IT कंपनियों से 30 लाख कर्मियों की छुट्टी की खबर! BJP सांसद का तंज- यही है ‘V शेप’ रिकवरी?

सरकार को कूटनीति से लेकर देश-विदेश के मामलों पर सलाह देने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को केंद्र की अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों पर ही सवाल उठा दिए।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: June 18, 2021 12:35 PM
आईटी सेक्टर में 2022 में नौकरियों में कटौती की खबर को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र पर कसा तंज। (प्रतीकात्मक फोटो)

भारत में अगले साल होने वाली छंटनी का अनुमान लगाने वाली एक हालिया रिपोर्ट ने उद्योग जगत से लेकर भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। बैंक ऑफ अमेरिका की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी कई आईटी कंपनियां ऑटोमेशन बढ़ने की वजह से 30 लाख कर्मचारियों की छंटनी कर देंगी। अब इस खबर को लेकर भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। स्वामी ने पूछा है कि क्या यही अर्थव्यवस्था की V-Shaped रिकवरी है।

क्या बोले सुब्रमण्यम स्वामी?: केंद्र सरकार को कूटनीति से लेकर देश-विदेश के मामलों पर सलाह देने वाले पूर्व वाणिज्य मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को सरकार के अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों पर ही सवाल उठा दिए। दरअसल, ट्विटर पर जब एक यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आईटी कंपनियां अगर इतने कर्मचारियों को निकाल रही हैं तो आर्थिक रिकवरी कैसे होगी?

इसी को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “क्या यही वी-शेप्ड ग्रीन शूट्स रिकवरी है या ये भी हमेशा की तरह जुमला ही था।” बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब स्वामी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर निशाना साधा है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि अब ज्यादातर भारतीय मेरी इस बात से सहमत हैं कि मोदी सरकार ने यूपीए द्वारा बनाई गई अर्थव्यवस्था की गड़बड़ियों को और बढ़ा दिया है। अर्थव्यवस्था को अब भी सुधारा जा सकता है लेकिन वर्तमान में सरकार को यह पता नहीं है कि यह कैसे किया जाए।

सोशल मीडिया यूजर्स ने स्वामी पर साधा निशाना: सुब्रमण्यम स्वामी के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। ट्विटर हैंडल @myindia1975 ने लिखा, “स्वामी जी क्या आप और आपके परिवार ने अप्रैल 2020 के बाद से बाहर खाना खाया, सफर किया या कोई पार्टी की? नहीं! इसी तरह सभी अर्थशास्त्री और आर्थिक विशेषज्ञ अभी घर में बंद हैं यानी जीडीपी में कोई योगदान नहीं। तो आखिर केंद्र को क्यों दोष देना, अपने आप को दोषी मानें।”

एक और यूजर शुभम त्यागी ने कहा, “ये जुमला क्या है? अगर 2014 से आप जुमला ही सुन रहे हैं तो फिर 2014 और 2019 के आम चुनाव में काहे मोदी का समर्थन कर दिये थे। याद रखिऐ आप आज भी भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं।” सौमी बनर्जी नाम की यूजर ने लिखा, “प्राइवेट सेक्टर कंपनियों के फैसलों के लिए सरकार कैसे जिम्मेदार है। हालांकि, मुझे लगता है कि छंटनी जैसा कदम अभी नहीं लिया जाएगा।”

नैसकॉम ने दी सफाई: इस बीच आईटी कंपनियों के शीर्ष निकाय नासकॉम ने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र कुशल प्रतिभा में सबसे अधिक नियुक्तियां करने वाला क्षेत्र बना हुआ है। आईटी क्षेत्र की शीर्ष पांच कंपनियों की मौजूदा वित्त वर्ष में 96 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी देने की योजना है। यानी आईटी अब भी नौकरी देने वाला क्षेत्र बना रहेगा।

नासकॉम ने अपने बयान में कहा, “प्रौद्योगिकी के विकास और स्वचालन में वृद्धि के साथ ही पारंपरिक आईटी नौकरियों और भूमिकाओं की प्रकृति समग्र रूप से विकसित होगी जिससे नई नौकरियों का सृजन होगा। आईटी क्षेत्र ने कुशल प्रतिभा क्षेत्र में सबसे अधिक नियुक्ति की है और वित्त वर्ष 2021 में 1,38,000 लोगों को नौकरी दी है।”

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