टाटा की टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। निदा खान करीब 25 दिनों से फरार चल रही थी। अब निदा की गिरफ्तारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। एआईएमआईएम और शरद पवार गुट की एनसीपी निदा खान के बचाव में उतर आई है।
शरद पवार गुट की एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दकी ने निदा खान को लेकर कहा कि निदा खान को बलि का बकरा बनाया गया है।
निदा मामूली वर्कर थी-नसीम सिद्दकी
उन्होंने आगे कहा निदा खान वहां (टीसीएस) में मामूली-सी वर्कर थी। वह सीओ नहीं थी, सीओ कोई मराठी लड़की थी। तो सवाल इस बात का है कि यह जो टीसीएस का मामला है, ये पूरी तरह से राजनीतिक इसको बना दिया गया है। टीसीएस में कोई इस प्रकार का मामला था ही नहीं।
लव जिहाद का मामला ही नहीं बनता- नसीम सिद्दकी
आगे उन्होंने कहा कि एपीसीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसमें कही भी लव जिहाद या लव ट्राइंगल का मामला ही नहीं बनता है। ये दो लोगों के बीच का मामला है। लड़की जो है वह हिंदू थी और लड़का मुसलमान था और शादीशुदा था। लड़की उससे पिछले ढाई-तीन सालों से उससे प्यार करती थी। उसके प्यार में रोजे रखती थी। अब अगर कोई मुस्लिम लड़की हिंदू लड़के से प्यार करने लगे तो उसमें धार्मिक रंग देने या धर्मांतरण का एंगल देने की जरूरत नहीं है।
एआईएमआईएम कॉर्पोरेटर पर पनाह देने के आरोप में केस दर्ज
वहीं, छत्रपति संभाजी नगर के नारेगाव के एआईएमआईएम कॉर्पोरेटर मतीन मजिद पटेल पर नासिक पुलिस ने निदा खान को पनाह देने के आरोप में केस दर्ज किया है। इस पर एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने पत्रकारों के सवाल पर कहा, मैं मुंबई में था। मुझे पूरी जानकारी पुलिस के जरिए लेनी है कि हमारे कॉर्पोरेटर का इसमें क्या रोल है, लेकिन एक बात हमें समझ लेनी चाहिए कि एक होता आरोपी और दूसरा दोषी जिस पर अपराध सिद्ध हो चुका होता है, जिसमें हत्या, लूट, आतंकवाद जैसे कई गंभीर अपराध शामिल होते हैं। ऐसे कोई भी चार्ज निदा पर नहीं है। इस पर सिर्फ एक कलंक है वह है धार्मिक भावनाओं को आहत करने का। तो हम इसका भी सपोर्ट नहीं कर रहे। हमें विश्वास है कि पुलिस और अदालतें निष्पक्ष तरीके से काम करेंगी।
एक अन्य सवाल पर एआईएमआईएम के नेता ने कहा, मैंने भरी सभा में कहा था अगर निदा खान की जगह कोई निशा पाटिल, नीता देशपांडे या नैंसी फर्नांडिस होती तो भी मेरा रुख यही होता। इम्तियाज जलील पहले भी सच के लिए खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा।
संजय शिरसाट के मांग पर दिया जवाब
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने कथित तौर पर एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील को भी इस मामले में सहआरोपी बनाने की मांग की।
इस पर जवाब देते हुए AIMIM नेता इम्तियाज़ जलील ने कहा, “एक आरोपी व्यक्ति को अदालत में अपना पक्ष रखने और जमानत मांगने का अधिकार होता है। निदा खान को निचली अदालत में ज़मानत नहीं मिली थी। उसे हाई कोर्ट जाने का अधिकार है। अगर हाई कोर्ट में उसकी अर्जी खारिज हो जाती है, तो वह सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। यह उसका अधिकार है। उसके खिलाफ सिर्फ आरोप हैं।”
आगे उन्होंने कहा, “अगर उन्हें (संजय शिरसाट को) कोई शिकायत है, तो उन्हें पुलिस कमिश्नर या मुख्यमंत्री के पास जाकर शिकायत करनी चाहिए। अगर उन्हें उस समय इतनी ही मजबूरी महसूस हुई थी, तो उन्हें मुख्यमंत्री के पास जाकर कहना चाहिए था कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, और उनकी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए और अगर वह बेकसूर पाए जाते हैं, तो इम्तियाज़ जलील को फांसी दे देनी चाहिए।”
कल की गई गिरफ्तारी
आरोपी निदा खान को गुरुवार देर शाम नासिक और छत्रपति संभाजी नगर की संयुक्त पुलिस ने नारेगाव इलाके से गिरफ्तार किया और शुक्रवार को उसे कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने निदा खान को आरोपी माना है।
इससे पहले निदा खान ने अग्रिम जमानत लेने की कोशिश की थी लेकिन इस माह के शुरुआत में ही कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है क्योंकि जांच में डिजिटल एविडेंस, गवाहों के बयान और नासिक से परे कथित संबंध सामने आए हैं।
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नासिक की टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नासिक और छत्रपति संभाजीनगर शहर पुलिस के संयुक्त अभियान में की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
