नासिक टीसीएस मामले में निदा खान के गिरफ्तारी एक दिन बाद नासक पुलिस ने नारेगाव के AIMIM पार्षद मतीन माजिद पटेल को आरोपी बनाया है। मतीन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि एक बात स्पष्ट है कि निदा खान को उन्होंने ही छिपा रखा था। अब यह पता करना है कि क्या वे भी धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा है। AIMIM पार्षद मतीन माजिद पटेल पर आरोप है कि उन्होंने अपराधी को शरण दिया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बात साफ है कि AIMIM पार्षद का निदा खान को छिपाने में हाथ था। इन सबके पीछे कौन था, इसका पता लगाया जाएगा। क्या वे (मतीन माजिद पटेल ) धर्मांतरण रैकेट में शामिल हैं? क्या उन्होंने मदद की? इसका पता जल्द चल जाएगा।”
पूरी पार्टी को कठघरे में खड़ा करना सही नहीं- वारिस पठान
AIMIM नेता वारिस पठान ने नासिक टीसीएस मामले को लेकर कहा, “हर जाति-धर्म का सम्मान करते हैं, कायदे-कानून का पालन करते हैं, संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात करते हैं, संविधान को मानने वाले लोग हैं हम। लेकिन ये बेबुनियाद, फालतू के आरोप लगा रहे हैं, ये गलत है। निदा खान को गिरफ्तार किया पुलिस और अदालत अपना काम करेगी, लेकिन इसे लेकर पूरे एआईएमआईएम को कठघरे में खड़ा करना, सरासर गलत है और जो संजय शिरसाट इम्तियाज जलील पर इल्जाम लगा रहे हैं, राजनीतिक प्रतिशोध है क्योंकि इम्तियाज ने संजय के तमाम करप्शन, घोटाले का भंडाफोड़ किया है, मीडिया के सामने दस्तावेज के साथ उन्होंने जनता के सामने उनका कालाचिट्ठा दिखाया है। तो वो कसर इसको जोड़कर निकाल रहे हैं, ये गलत है।”
आगे उन्होंने कहा, “निदा खान का मामला अदालत में पेंडिंग है, उस पर टिप्पणी करना सही नहीं। निदा खान जिसे एचआर हेड कहा जा रहा वह कोई और निकली थी। इनका कोई रोल नहीं दिख रहा था। अगर उनके खिलाफ कुछ भी निकलता है तो सजा दीजिए, लेकिन कोर्ट के माध्यम होना चाहिए, मीडिया ट्रायल से नहीं। जहां आपको कोई मुसलमान दिखा बस उसको कॉर्पोरेट जिहाद, लव जिहाद से जोड़ दो। ये सरासर गलत है।”
पुलिस अन्य लोगों की भी करेगी पहचान
इधर AIMIM के पार्षद को लेकर नासिक शहर के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने कहा, नारेगाव के पार्षद मतीन पटेल को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। हम जांच करेंगे और उन सभी लोगों की पहचान करेंगे जिन्होंने निदा को छिपाए रखा और कानूनी प्रक्रिया में बाधा डाला।
उन्होंने आगे बताया कि मतीन को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि उन्हें नोटिस जारी किया गया और फिर उन्हें जाने दिया गया। अधिकारी ने कहा कि निदा को नासिक की कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उनसे हिरासत में पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की जाएगी।
मामले में आठ लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
नासिक स्थित टीसीएस के बीपीओ ऑफिस में काम करने वाली निदा खान कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले के संबंध में नासिक पुलिस की ओर से 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच दर्ज की गई नौ एफआईआर में नामजद आठ आरोपियों में से एक हैं, जबकि सात अन्य के नाम दानिश शेख, शफी शेख, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और अश्विनी चैनानी हैं। इन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की कर्मचारी निदा खान को गुरुवार देर रात छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव इलाके में एक दो मंजिला घर से गिरफ्तार किया गया। यहां पर वह चार रिश्तेदारों के साथ रह रही थीं। यह गिरफ्तारी छत्रपति संभाजी नगर पुलिस और नासिक पुलिस की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
