नासिक टीसीएस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को तड़के छत्रपति संभाजी नगर नगर निगम (सीएसएमसी)ने कौसर बाग में एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। निदा खान गिरफ्तारी से पहले यहीं रह रही थी। पुलिस के अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की लगभग 100 सदस्यीय टीम को मौके पर तैनात किया गया था।

मतीन पटेल के घर को गिराने से पहले सुरक्षा बल तैनात किया गया था। जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इलाके में तनाव के बीच नगर निगम ने मतीन के घर को गिराने का काम शुरू किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह मकान पटेल की उन दो संपत्तियों में से एक था जिन्हें नगर निगम ने कथित तौर पर अनाधिकृत निर्माण के रूप में चिह्नित किया था।

हाल ही में ध्वस्त मकान की जांच तब शुरू हुई जब नासिक टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान, जो 10 अप्रैल से फरार थी। उसको छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव इलाके में पटेल के कथित बंगले से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद नगर निगम ने 9 मई को पटेल को कौसर बाग स्थित मकान और उसी इलाके में स्थित एक कार्यालय में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया था।

पटेल के परिवार द्वारा मंगलवार को नगर निगम के अतिक्रमण रोधी प्रकोष्ठ के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने और विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगने के बावजूद विध्वंस की कार्रवाई की गई। परिवार ने तर्क दिया था कि निगम द्वारा जारी किया गया तीन दिन का नोटिस मनमानी विध्वंस कार्रवाइयों के खिलाफ सुरक्षा उपायों को निर्धारित करने वाले सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 के फैसले का उल्लंघन करता है।

मंगलवार रात घर गिराने की कार्रवाई से पहले एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। साथ ही पटेल परिवार तथा एआईएमआईएम समर्थकों से विरोध न करने का आग्रह किया। जलील ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि हम कानूनी तौर पर इसका मुकाबला करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि एआईएमआईएम उसी स्थान पर मतीन को एक बेहतर और बड़ा भवन बनाएगी।

औरंगाबाद नगर निगम (AMC) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद मतीन पटेल को नोटिस जारी कर कहा था कि उनकी कुछ संपत्तियां, जिनमें वह घर भी शामिल है, जहां नासिक टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान कथित तौर पर रहती थी, अवैध रूप से बनाया गया था।

नासिक टीसीएस मामले में 10 अप्रैल से फरार चल रही निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव इलाके में एक दो मंजिला बंगले से गिरफ्तार किया गया। जहां वह अपने चार रिश्तेदारों के साथ रह रही थी। बताया जाता है कि यह बंगला पटेल के स्वामित्व में है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राजुरकल ने कहा, “9 मई को ही मतीन पटेल के पास नोटिस भेजी जा चुकी है। उनकी दो संपत्तियां कौसर बाग स्थित वह बंगला, जहां निदा खान कथित तौर पर रह रही थी और उसी इलाके में स्थित उनका एक ऑफिस को अवैध निर्माण के तौर पर चिन्हित किया गया है।”

राजुरकर ने पहले कहा था, “प्रथम दृष्टया, हमें लगता है कि दोनों संपत्तियां थोड़ा या पूरी तरह अवैध निर्माण हैं। नियम के मुताबिक, उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देना होगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं लगा, तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।”

मतीन मजीद शेख को मजीद पटेल के नाम से भी जाना जाता है। वह एआईएमआईएम के पहली बार चुने गए पार्षद हैं। 35 वर्षीय व्यवसायी मतीन ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उन्होंने कक्षा 7 तक शिक्षा प्राप्त की है, उनके पास 86 लाख रुपये मूल्य के तीन कृषि भूखंड, नारेगांव में 11 लाख रुपये मूल्य का एक गैर-कृषि भूखंड और 4 लाख रुपये मूल्य का एक मकान है।

राजुरकर ने यह भी कहा था कि अगर पटेल ने अवैध निर्माण किया है तो उन्हें सदन से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि कोई पार्षद, उसका जीवनसाथी या आश्रित किसी अवैध या अनधिकृत संरचना का निर्माण करते हुए पाया जाता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

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शरद पवार गुट की एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दकी ने निदा खान को लेकर कहा कि निदा खान को बलि का बकरा बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर।