लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया। सरकार जहां एक तरफ इन विधेयक की खूबियां गिना रही हैं, वहीं विपक्ष इन विधेयक का विरोध कर रहा है। विरोध में कांग्रेस , सपा और टीएमसी समेत कई विपक्ष पार्टियां खड़ी हैं। इसी बीच सपा ने सदन में ऐसी मांग कर दी, जिसे सरकार ने असंवैधानिक बता दिया।

दरअसल सपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ में मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की, जिसे केंद्रीय गृहमंत्री ने असंवैधानिक बताया।

मांगा मुस्लिम और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण

सपा की ओर से आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सपा तीनों विधेयकों का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ में जब तक पिछड़े वर्ग की और मुस्लिम वर्ग की महिलाओं को शामिल नहीं किया जाएगा तब तक हम इस विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे।

सरकार ने बताया असंवैधानिक

इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक में मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की बात करना असंवैधानिक है, क्योंकि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। आगे उन्होंने कहा, पूरे देश की महिलाओं की बात करें न कि सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की।

इस पर अखिलेश यादव उठ खड़े हुए और कहा, सरकार इस विधेयक को लाने में इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है, क्योंकि अगर जनगणना होगी तो जातियों की गिनती भी होगी और तब सपा प्रतिनिधित्व की मांग करेंगे।

इसका जवाब देने के लिए गृहमंत्री अमित खड़े हुए और उन्होंने कहा अखिलेश पूछ रहे कि जनगणना क्यों नहीं हो रही। तो मैं सदन से देश को बता दूं कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही सरकार ने जातीय जनगणना कराने की निर्णय ले लिया है।

आगे अमित शाह ने कहा कि अभी घरों की गिनती हो रही और घरों की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब आबादी की गिनती तो उसमें जाति का भी एक कॉलम होगा। साथ ही कहा कि धार्मिक आधार पर कोई भी आरक्षण असंवैधानिक है।

‘समाजवादी चाहे तो सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे’

इस पर अखिलेश फिर खड़े हुए और पूछा कि क्या मुस्लिम महिलाएं ‘आधी आबादी’ का हिस्सा नहीं हैं? इसके बाद अमित शाह ने पलटवार किया और कहा कि अगर समाजवादी पार्टी चाहे, तो वह अपने सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे हमें कोई आपत्ति नहीं है।

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संसद का विशेष सत्र गुरुवार को शुरू हो गया है। इसमें तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जा रहे हैं। साथ ही, 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने को लेकर भी चर्चा हो रही है। सरकार की 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की योजना है। इसके साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 850 करने की भी योजना बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें