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विश्व हिंदी सम्मेलन दस से, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दस सितंबर को भारत की सांस्कृतिक नगरी भोपाल में दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन का उदघाटन करेंगे। इसका समापन 12 सितंबर को गृह मंत्री राजनाथ सिंह..

Author नई दिल्ली | September 1, 2015 9:15 AM
नई दिल्ली में सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ के बारे में जानकारी देते हुए। (पीटीआई फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 सितंबर को भारत की सांस्कृतिक नगरी भोपाल में दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसका समापन 12 सितंबर को गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। आम तौर पर फिल्मी हस्तियों से परहेज करने वाले विश्व हिंदी सम्मेलन में इस बार मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है और वे ‘आओ अच्छी हिंदी बोलें’ विषय पर व्याख्यान देंगे। दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की सहभागिता से दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन का भव्य आयोजन भोपाल शहर के लाल परेड मैदान में किया जा रहा है। सम्मेलन की अध्यक्ष सुषमा स्वराज हैं। मध्य प्रदेश सरकार सम्मेलन की स्थानीय आयोजक है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मेलन के मुख्य संरक्षक हैं। भोपाल स्थित माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय और अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय सम्मेलन की सहभागी संस्थाएं हैं।

सुषमा ने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन व समापन सत्रों में देश-विदेश से लगभग 5000 हिंदी प्रेमियों के सम्मिलित होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त लगभग 2000 प्रतिभागियों व आधिकारिक मंडल और मीडिया के सदस्यों के भाग लेने का भी अनुमान है।

सुषमा ने कहा कि इस बार विश्व हिंदी सम्मेलन के महाकुंभ के दसवें पड़ाव को व्यापकता प्रदान करते हुए और इसकी परिधि का विस्तार करते हुए मुख्य विषय ‘हिंदी जगत : विस्तार एवं संभावनाएं’ के साथ बारह विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा जिसके भविष्य में दूरगामी एवं सार्थक परिणाम निकल कर सामने आएंगे।

सम्मेलन स्थल पर दो विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। प्रदर्शनी में भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा का महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, आगरा का केंद्रीय हिंदी संस्थान, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, इंदौर का वेबदुनिया, भारतकोश, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल और सीडैक जैसी संस्थाएं हिस्सा ले रही हैं। इस प्रदर्शनी में हिंदी के विस्तार और विकास यात्रा एवं भविष्य की संभावनाओं को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

विदेश मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के दौरान डाक तार विभाग की ओर से जारी विशेष डाक टिकट का लोकार्पण भी किया जाएगा। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की ओर से 12 सितंबर को एक कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा।
सुषमा ने बताया कि इस सम्मेलन का समापन सत्र अमिताभ का ‘आओ अच्छी हिंदी बोलें’ नामक सत्र रहेगा। विदेश मंत्री ने कहा कि फिल्मों में जो हिंदी बोली जाती है, उनमें अमिताभ बच्चन सबसे शुद्ध हिंदी बोलते हैं। उनसे सवाल किया गया था कि विश्व हिंदी सम्मेलन में अमिताभ की क्या भूमिका है और उन्हें इसके लिए कोई भुगतान किया जाएगा या नहीं। उन्हें किस श्रेणी में रखा गया है। इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि अमिताभ को अलग से कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। केवल यात्रा, आवास और वाहन की सुविधा दी जा रही है।

विश्व हिंदी सम्मेलनों में आमतौर से फिल्मी हस्तियों को बुलाने की परंपरा नहीं रही है और फिल्म से जुड़े लोगों की ये शिकायत भी रही है कि हिंदी के प्रचार-प्रसार में हिंदी फिल्मों का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन ऐसे सम्मेलनों में उनकी अनदेखी की जाती है।

पिछला विश्व हिंदी सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के जोहानीसबर्ग में आयोजित किया गया था और उसमें भी किसी फिल्मी हस्ती को नहीं बुलाने को लेकर किए गए सवाल पर सरकार ने कहा था कि फिल्मी हस्तियों के आने से सारा आकर्षण वे ही ले जाएंगे और हिंदी भाषा साहित्य पर गंभीर चर्चा फीकी पड़ सकती है।

दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया है। विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह ही नीतीश कुमार से बात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। सुषमा के मुताबिक नीतीश ने उनसे कहा कि तब तक (बिहार विधानसभा चुनावों की) आचार संहिता लागू हो जाएगी।

सुषमा ने कहा कि इस पर उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सरकारी खर्च की बजाय अलग से विमान लेकर आ जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदी को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर निमंत्रित किया है, जिनमें तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता भी शामिल हैं। सुषमा ने कहा कि वे अब सभी मुख्यमंत्रियों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत कर उन्हें भोपाल आने का न्योता देंगी।

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