राजनीतिक हलकों और मीडिया में इस बात की चर्चा तेज है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपनी कैबिनेट में फेरबदल कर सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है लेकिन इसे लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म है। यह माना जा रहा है कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में नई टीम का भी ऐलान किया जा सकता है। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व पार्टी के पदाधिकारियों की सूची को फाइनल टच दे चुका है और नितिन नवीन के नेतृत्व में जल्द ही नई टीम पार्टी संगठन का कामकाज संभाल सकती है।
संसद का मानसून सत्र आम तौर पर जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी छह से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जा सकते हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर अटकलें
इस बात की प्रबल संभावना है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को बीजेपी संगठन में भेजा जा सकता है और पार्टी के पदाधिकारियों को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जाने की भी चर्चा है। NEET-UG के पेपर लीक और सीबीएसई के डिजिटल मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों को लेकर हुए विवाद के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर अटकलें लग रही हैं। क्या प्रधान की मंत्रिमंडल से छुट्टी होगी या फिर उनका विभाग बदला जाएगा?
दो केंद्रीय मंत्रियों पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को बीजेपी की उत्तर प्रदेश और दिल्ली इकाई की जिम्मेदारी दी जा चुकी है और ऐसे में इन दोनों को मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। कुरियन अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं जबकि बिट्टू अब भी मंत्री हैं।
बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व ने बिट्टू को पंजाब विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते बिट्टू पंजाब में असरदार जट सिख समुदाय से आते हैं। दो केंद्रीय मंत्रियों हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का राज्यसभा में कार्यकाल नवंबर में समाप्त होगा। देखना होगा कि क्या बीजेपी उन्हें फिर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाएगी?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए इन राज्यों के नेताओं को मोदी सरकार में जगह मिल सकती है।
टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बागी नेताओं को मिलेगी जगह?
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की भारी जीत के बाद इस राज्य से भी पार्टी के कुछ सांसदों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बागी गुट में शामिल कुछ नेताओं को भी मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि, इन दोनों दलों के बागी नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल करने का फैसला लोकसभा स्पीकर के रुख पर निर्भर करेगा। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के किसी सांसद को भी कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए सात राज्यसभा सदस्यों में से एक या दो को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है।
