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नीतीश-लालू का धोखा, 5% आरक्षण धर्म के आधार पर देने का प्रयास: मोदी

नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को ‘विश्वासघात’ करने वाले लोग बताते हुए नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि ये लोग दलितों, महादलितों और पिछड़ों के आरक्षण में से 5 फीसदी..

Author बेतिया/मोतीहारी/सीतामढ़ी (बिहार) | October 27, 2015 8:53 PM
चुनावी रैली को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई फोटो)

नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को ‘विश्वासघात’ करने वाले लोग बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि ये लोग दलितों, महादलितों और पिछड़ों के आरक्षण में से 5 फीसदी की चोरी करके उसे पिछले दरवाजे से सम्प्रदाय के आधार पर देने की कोशिश कर रहे हैं।

मोदी ने बिहार में मंगलवार को ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘लालू और नीतीश विश्वासघात करने वाले लोग हैं। बिहार इन पर विश्वास नहीं कर सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आरक्षण में भी चोरी करने के प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले दरवाजे से खेल चल रहा है। नीतीश, लालू का तो पेशा रहा है यह। जैसे चारा हड़प लिया, वैसे ही आरक्षण में से पांच प्रतिशत हड़पना चाहते हैं। बाबा साहब अंबेडकर के आरक्षण में से पांच प्रतिशत चोरी करने का खेल चल रहा है। दलितों, महादलितों, पिछड़ों, महापिछड़ों के आरक्षण में से पांच प्रतिशत हिस्सा सम्प्रदाय के आधार पर देने की कोशिश हो रही है।’’

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नीतीश और लालू दोनों को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश सरकार के एक मंत्री और लालू की पार्टी के एक उम्मीदवार स्टिंग ऑपरेशन में लाखों रुपये लेते पकड़े गए। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?

उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश ने कहा था कि उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों को पकड़ेगी, उनकी सम्पत्ति जब्त करके उससे स्कूल खोलेगी। बाकी को छोड़ो, आपने जिनके साथ गठबंधन किया, उनकी सम्पत्ति जब्त करने का वादा पूरा करो नीतीश बाबू।’’

कांग्रेस अध्यक्ष को भी निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि मैडम सोनियाजी कैमरे के सामने जो लेनदेन हुआ है, उसके बारे में भी तो कुछ बोलिए। महागठबंधन के दलों कांग्रेस, राजद और जदयू पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि बिहार की जनता के पास बड़ा धैर्य है। वह देती है तो छप्पर फाड़ कर देती है और जब लेती है तो कहीं का नहीं छोड़ती। कांग्रेस पर बिहार की जनता ने 35 साल धैर्य के साथ भरोसा किया और उनकी सभी बात मानीं लेकिन जब धैर्य जवाब दे गया तब पिछले 25 वर्षो में उसे पैर रखने तक की जगह नहीं दी।

उन्होंने कहा कि इसी तरह राजद पर 15 साल भरोसा किया, लालू प्रसाद को सिर माथे पर बिठाया, उनकी पत्नी तक को सहन किया लेकिन जब धीरज गया, तो बिहार की धरती पर पैर नहीं रखने दिया।

नीतीश को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इतना अहंकार, नीतीश बाबू ? जरा कांग्रेस से सीखें, जब सोनियाजी के पति राजीव गांधी के समय लोकसभा में कांग्रेस की 440 सीटें थी, वे संसद में हमारी दो सीटों का मजाक उड़ाते थे। लेकिन अब क्या हालात हैं ?’’

मोदी ने कहा कि नीतीशजी आपका अहंकार आपको खा जायेगा। आपका जो होगा सो होगा, आपके अहंकार के कारण बिहार बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि इस अहंकार के चलते नीतीश ने यह ‘‘पाप’’ किया कि जिस जंगलराज को बिहार की जनता ने उखाड़ फेंका था, उसे वह लालू के साथ जाकर दोबारा ले आए।

नीतीश कुमार के एक तांत्रिक से मिलने पर भी कटाक्ष करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या जंतर मंतर से स्कूल खुलता है, खेत में पानी आता है, नौजवानों को रोजगार मिलता है, या माताओं बहनों को सुरक्षा मिलती है?

मोदी ने जनता से सवाल किया कि अठारहवीं सदी की मानसिकता वाला कोई व्यक्ति क्या बिहार का विकास कर सकता है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वह बिहार के राजनीतिक परिदृश्य से ऐसे लोगों को चुन चुन कर बाहर कर दें।

इस घटना पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक महागठबंधन में केवल तीन खिलाड़ियों.. बड़ा भाई लालू, छोटा भाई नीतीश और मैडम सोनिया गांधी को ही जानते थे। ‘‘लेकिन पहली बार मुझे यह जानकारी मिली कि एक चौथा खिलाड़ी भी है और वह एक तांत्रिक है। महाअवसावादी इस गठबंधन में अब चार खिलाड़ी हैं।’’

नीतीश कुमार के ‘बिहारी बनाम बाहरी’ मुद्दे का जवाब देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ये लोग ‘बिहारी और बाहरी’ कहते हैं। क्या प्रधानमंत्री सभी राज्यों का प्रतिनिधि नहीं होता है ? क्या प्रधानमंत्री कभी बाहरी हो सकता है? आपका मुख्यमंत्री अगर पटना से चुना जाता है तो बेतिया में क्या उसे बाहरी माना जाएगा?’’

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का किसान देश का पेट भरने की ताकत रखता है लेकिन रोजगार के लिए उसे घरबार छोड़कर जाना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिये पांच साल सत्ता सुख का अवसर नहीं है, दिल्ली में सत्ता सुख के लिए नहीं आए, गरीब की सेवा के लिए आए, हमने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली। मेरे लिए यह सेवा यज्ञ है जहां मैं शरीर का कण-कण, समय का पल-पल खपा देना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि सेवा समर्पण टीवी के पर्दे पर दिखे या नहीं, अखबार की सुर्खियां बने या नहीं लेकिन 16 महीने के काम की सुगंध मुझे यहां आप लोगों के बीच महसूस हो रही है, यह मुझे प्रेरणा देती है।

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