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नीतीश-लालू ने जेपी की विरासत का ‘अपमान किया है: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कथित रूप से रिश्वत लेने वाले बिहार के वरिष्ठ मंत्री के स्टिंग वीडियो के मुद्दे पर आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर हमले किए..
Author जहानाबाद (भबुआ) | October 12, 2015 18:13 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कथित रूप से रिश्वत लेने वाले बिहार के वरिष्ठ मंत्री के स्टिंग वीडियो के मुद्दे पर आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर हमले किए। (पीटीआई फोटो)

जहानाबाद (भबुआ)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टिंग वीडियो में जदयू के एक मंत्री को कथित तौर पर घूस लेते दिखाये जाने को लेकर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इन्होंने जयप्रकाश नारायण की विरासत का ‘अपमान’ किया है और इन्हें कोई ‘शर्म’ नहीं है।

जहानाबाद एवं भबुआ में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महागठबंधन के नेता ‘भयभीत’ हैं। मोदी ने आज अपनी चुनावी रैली का सीधा प्रसारण करने पर रोक लगाने के लिए महागठबंधन की ओर से चुनाव आयोग से सम्पर्क साधने की भी आलोचना की।

राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब एक स्टिंग वीडियो में वरिष्ठ मंत्री अवधेश प्रसाद कुशवाहा को रिश्वत लेते दिखाया गया। कुशवाहा को बाद में इस्तीफा देना पड़ा।

इस घटना का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि समाजवाद के प्रणेता माने जाने वाले जेपी की जयंती के दिन इससे खराब घटना और क्या हो सकती है। ‘‘ऐसा काम उन लोगों ने किया जो जेपी की विरासत पर दावा करते हैं। जेपी का ऐसा अपमान कभी नहीं हुआ।’’

इस घटना को बिहार के सम्मान से जोड़ते हुए मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों ने बिहार के सम्मान को धूल में मिलाने का पाप किया है।

लालू प्रसाद पर तीखा प्रहार करते हुए मोदी ने कहा कि स्टिंग में अवधेश कुशवाहा ने कहा कि पांच मंत्री हैं (फायदा पाने वाले)। इन पांच मंत्रियों के नाम बतायें। दो और यह पाप करते पकड़े गए लेकिन उनके नेता को इसमें कुछ भी बुरा नहीं लगता है। उन्हें इस पाप, जंगलराज या भ्रष्टाचार के बारे में खराब महसूस नहीं होता है।

मोदी ने सवाल किया, ‘‘क्या बिहार को ऐसे लोगों के हाथों में छोड़ा जा सकता है जो बेशर्म हो गए हैं, ऐसे लोगों के हाथों में जिन्हें धन के ऐसे लेनदेन को लेकर शर्म महसूस नहीं होती। सार्वजनिक जीवन में शर्म जैसी चीज होती है, अगर कोई पाप करते पकड़ा जाता है तो वह घर बैठ जाता है। लेकिन यहां वे अकड़ दिखा रहे हैं।’’

खबरों के अनुसार, वीडियो में अवधेश कुशवाहा को यह कहते दिखाया गया है कि मुम्बई की कंपनी इस चुनाव में समान विचारधारा वाले मंत्रियों की मदद करना चाहती है और आने वाले दिनों में फायदा उठाने की उम्मीद करते हैं।

बिहार में राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चा हैं कि दो और खुलासे होने की संभावना है। इस घटना के लिए नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के गठबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए मोदी ने कहा, ‘‘जब तक भाजपा सरकार का हिस्सा थी, ऐसी कोई बात सामने नहीं आई, कोई भ्रष्टाचार नहीं था। लेकिन जब से उन्होंने (नीतीश) उस महान व्यक्ति से हाथ मिलाया है, जिन्हें ऐसे काम करने में महारत हासिल है, यह सब शुरू हो गया है।’’

प्रधानमंत्री को साजिश का भी आभास हुआ है और उन्होंने चुनाव आयोग से भभुआ क्षेत्र पर विशेष तौर पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ साजिश की योजना देख रहा हूं और यह गंभीर मामला है।’’ हालांकि उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया।

नीतीश कुमार के सुशासन के प्रचार की धार कुंद करने का प्रयास करते हुए मोदी ने कहा कि जब राष्ट्र जेपी को उनकी 113वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था, तब आपको देखना है कि अपने आप को उनका अनुयायी बताने वाले, दिन रात उनका नाम लेने वाले, उनके कदमों के अनुसरण की राजनीति का दावा करने वालों ने किस तरह से जेपी की जयंती मनायी।

चारा घोटाला मामले में दोषी ठहाराये गए लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर पैसे का यह खेल चलता रहा तो आप कहां जायेंगे। क्या आप चार लाख रुपये दे पायेंगे?’’

मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों ने इससे पूर्व रेडियो पर प्रसारित होने वाले उनके कार्यक्रम ‘मन की बात’ को रुकवाने का प्रयास किया क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि मन की बात लोगों के दिलों को छूती है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर इन्होंने तूफान खड़ा किया है। उन्होंने मेरी चुनावी रैलियों को रुकवाने का प्रयास किया क्योंकि उन्हें लगा कि इसका चुनाव पर प्रभाव पडेगा। जब मुझे रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गई तब उन्होंने मेरी रैलियों का सीधा प्रसारण रुकवाने का प्रयास किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें लगता है कि मतदान के दौरान वह बह जायेंगे। इतना डर है। वे कांप रहे हैं। उन्हें लगने लगा है कि बिहार के लोगों ने इस बार ‘बड़े भाई, छोटे भाई’ (लालू, नीतीश) से छुटकारा पाने का निर्णय कर लिया है जिन्होंने पिछले 25 वर्षो में बिहार को बर्बाद कर दिया।

उन्होंने कहा कि गुजरात में 15 वर्षो तक मुख्यमंत्री रहते हुए उनके खिलाफ हर तरह की साजिश रची गई। चुनावी रैली में अपने प्रतिद्वन्द्वियों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा ‘‘लोकतंत्र में आप किसी की आवाज को नहीं दबा सकते हैं। मोदी की भी नहीं। अगर आप मेरी बैठकों पर प्रतिबंध लगायेंगे, मैं मजदूर होने के नाते पैदल यात्रा निकालूंगा और आप कुछ नहीं कर पायेंगे।’’

भभुआ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने इस सीट की अपने संसदीय क्षेत्र से निकटता का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं वाराणसी में चुनाव लड़ रहा था तब राज्य सरकार ने मुझे एक रैली करने की अनुमति नहीं दी। मुझे रोक दिया गया लेकिन वाराणसी के लोगों को नहीं रोक सके। ऐसे कार्यो में लिप्त सरकारों को दो बार सोचना चाहिए। आप मोदी को रोक सकते है लेकिन लोगों को नहीं रोक पायेंगे।’’

बिहार की जाति आधारित राजनीति के केंद्र माने जाने वाले जहानाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने लोगों को पिछड़े वर्ग के तेजतर्रार नेता जगदेव प्रसाद की 1974 में हुई हत्या की याद दिलायी जिन्हें ‘बिहार का लेनिन’ कहा जाता था।

जगदेव प्रसाद की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जगदेव बाबू की हत्या कब हुई? जगदेवजी वंचित वर्ग के लोगों के लिए लड़े।’’

कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने के लिए लालू और नीतीश पर बार बार निशाना साधने वाले प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नेता की हत्या तब हुई थी जब बिहार में कांग्रेस सत्ता में थी।

उन्होंने कहा, ‘‘जगदेव बाबू मंत्री थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई। तब सरकार में कौन बैठे थे, जो आरोपों का सामना कर रहे थे। तब दलितों और वंचितों की आवाज को दबा दिया गया था।’’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन को ‘महाअवसरवादी’ करार देते हुए उन्होंने लोगों से विकास के लिए भाजपा को वोट देने की अपील की। लोगों से सावधानीपूर्वक अपने विकल्प चुनने का आग्रह करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अगर आपको लगता है कि ऐसा करना सही है तो हमें मदद करें।’’

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