ताज़ा खबर
 

पाकिस्तान को धूल में मिलाने के लिए 10 दिन से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, पीएम मोदी ने चेताया- तीन युद्ध हारकर भी नहीं सुधरे!

सीएए का विरोध करने वाले दलों पर परोक्ष निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने वोट बैंक साधने में लगे हैं। उन्हें क्यों पाकिस्तान में हिंदुओं और दलितों पर हुए अत्याचार दिखाई नहीं देते।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के वार्षिक समारोह को संबोधित करते नरेंद्र मोदी। (Photo: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से तीन बार युद्ध में हार चुका है लेकिन अभी भी छद्म युद्ध जारी रखे हुए है। पीएम मोदी ने कहा कि देश के सशस्त्र बलों को “पाकिस्तान को धूल चटाने में एक सप्ताह से 10 दिन से अधिक का समय नहीं लगेगा”। पिछली सरकारों के “निष्क्रियता” पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान द्वारा छद्म युद्ध को एक कानून और व्यवस्था की समस्या के रूप में माना, लेकिन “जब हमारी सेना ने कार्रवाई के लिए कहा तो वे आगे नहीं बढ़ें”। पीएम ने ये बातें राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के वार्षिक समारोह में संबोधन के दौरान नई दिल्ली में कही।

इसके साथ ही मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘‘ऐतिहासिक अन्याय’’ को दुरुस्त करने और पड़ोसी देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों से किए गए भारत के ‘‘पुराने वादे’’ को पूरा करने के लिए संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) लेकर आई है । उन्होंने इस संदर्भ में महात्मा गांधी की इच्छा और नेहरू लियाकत समझौते का भी जिक्र किया।

मोदी ने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में स्वतंत्रता के समय से ही समस्या थी। कुछ परिवारों और राजनीतिक दलों ने इसे ‘‘जीवित’’ रखा जिसके परिणामस्वरूप वहां आतंकवाद पनपा। मोदी ने संशोधित नागरिकता कानून के विरोध को लेकर विपक्षी दलों पर वोट बैंक पर कब्जा करने की स्पर्धा में शामिल होने का आरोप लगाया ।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐतिहासिक अन्याय को दुरुस्त करने के वास्ते भारत के पुराने वादे को पूरा करने के लिए आज जब हमारी सरकार संशोधित नागरिकता कानून :सीएए: लेकर आई है तो कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की खातिर इसका विरोध कर रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि सीएए का विरोध ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने शत्रु सम्पत्ति कानून का भी विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के हिंदुओं, सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों से वादा किया था कि जरूरत महसूस होने पर वे भारत आ सकते हैं। यही इच्छा गांधी जी की थी और यही भावना 1950 में नेहरू-लियाकत समझौते की भी थी।

मोदी ने कहा, ‘‘ दशकों पुरानी समस्याएं सुलझा रही हमारी सरकार के फैसले पर जो लोग सांप्रदायिकता का रंग चढ़ा रहे हैं, उनका असली चेहरा देश देख भी रहा है और समझ भी रहा है। मैं फिर कहूंगा- देश देख रहा है, समझ रहा है। चुप है, लेकिन सब समझ रहा है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को दलितों का हितैषी बताते हैं। उन लोगों को पाकिस्तान में दलितों पर अत्याचार दिखाई नहीं होता। ये भूल जाते हैं कि पाकिस्तान में अत्याचारों से भागकर आएं है, उनमें से ज्यादातर दलित भाई हैं।

सीएए का विरोध करने वाले दलों पर परोक्ष निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने वोट बैंक साधने में लगे हैं। उन्हें क्यों पाकिस्तान में हिंदुओं और दलितों पर हुए अत्याचार दिखाई नहीं देते। उन्हें जवाब देना चाहिए। पाकिस्तान से भागकर जो लोग भारत आए हैं, उनमें ज्यादातर हमारे दलित भाई-बहन हैं।’ उन्होंने कहा ‘‘मैं इसमें नहीं जाना चाहता कि देश जब आजाद हुआ था तब बंटवारा किसकी सलाह पर हुआ था, किन परिस्थितियों में हुआ था। हालांकि बंटवारे के बाद सीमा से जुड़े कुछ मुद्दे भी आए, लेकिन इनके समाधान के लिए कोई बड़े प्रयास नहीं हुए।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमारा पड़ोसी देश हमसे तीन-तीन युद्ध हार चुका है। हमारी सेनाओं को उसे धूल चटाने में हफ्ते-दस दिन से ज्यादा समय नहीं लगता।’’ उन्होंने कहा कि आज कल क्या माहौल बनाया जा रहा है इसे भी देश देख रहा है। तुष्टिकरण के लिए इन लोगों ने तीन तलाक कानून का विरोध किया। वे चाहते थे इसे नहीं बदलें, लेकिन जनता ने उन्हें ही बदल दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक पूर्वोत्तर के लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया गया। हमने एक तरफ पूर्वोत्तर के विकास के लिए अभूतपूर्व योजनाओं की शुरुआत की और दूसरी तरफ बहुत ही खुले मन और खुले दिल के साथ सभी पक्षों के साथ बातचीत शुरू की। बोडो समझौता आज इसी का परिणाम है। (भाषा इनपुट के साथ)

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Delhi Elections 2020: चुनाव में अवाम बनाम वाम
2 Delhi Elections 2020: सेहत की सुध- आयुष्मान के आमने-सामने
3 NRC, CAA, धारा 370 और राम मंदिर जैसे राष्ट्रवाद के मुद्दों पर संघ ने संभाला मोर्चा