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नरेंद्र मोदी ने किया इन्कार तो पूर्व CM ने दागा सवाल- केंद्र ने सबसे बड़े डिटेंशन कैंप को जारी किए 46 करोड़ रुपए, फिर कैसे पलट रहे?

पीएम के इस दावे पर पूर्व सीएम ने सीधा सवाल दागा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने डिटेंशन कैंप के लिए खुद 46 करोड़ रुपए जारी किए हैं तो फिर वह पलट क्यों रहे हैं?

Tarun Gogoi,Prime Minister Narendra Modi,Atal Bihari Vajpayee,Detention centres,Hindu,Muslim,Religion,Citizenship Amendment Act,National Register of Citizensअमस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो: Indian Express

अमस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे पर सवाल खड़े किए हैं जिसमें उन्होंने कहा है देश में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं है। पीएम ने बीते रविवार को कहा था कि भारत में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसको लेकर अफवाहें फैला रहा है। पीएम के इस दावे पर पूर्व सीएम ने सीधा सवाल दागा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने डिटेंशन कैंप के लिए खुद 46 करोड़ रुपए जारी किए हैं तो फिर वह पलट क्यों रहे हैं?

उन्होंने कहा ‘वाजपायी की सरकार में डिटेंशन सेंटर्स के निर्माण का आइडिया सुझाया गया। उन्होंने इसमें उन विदेशियों को रखने की बात कही थी जो अवैध तरीके से भारत में घुस आए। इसके बाद जब मोदी सत्ता में आए तो उन्होंने देश के सबसे बड़े डिटेंशन सेंटर के लिए 46 करोड़ रुपए दिए जिसमें 3000 लोगों को एकसाथ रखा जा सकता है। ऐसे में वह ये कैसे कह सकते हैं कि देश में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं है।’

बता दें कि गोगोई तीन बार कांग्रेस की तरफ से राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2001 से लेकर 2016 तक इस पद को संभाला। पूर्व सीएम ने कहा ‘उनकी सरकार डिटेंशन सेंटर्स बनवा रही है जिसमें निश्चित ही विदेश नागरिकों को रखा जाएगा। डिटेंशन सेंटर का निर्माण गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश पर किया जा रहा है। लेकिन मोदी सरकार इस सच्चाई से पर्दा कर रही है।’

उन्होंने कहा ‘जब मोदी ने 2014 में सत्ता संभाली तो उन्होंने राज्यों से डिटेंशन सेंटर्स और अवैध तरीके से भारत में रह रहे लोगों के बारे में चर्चा नहीं की। यहां तक की उनकी सरकार ने इस मुद्दे पर बांग्लादेश सराकर के साथ भी भी बातचीत नहीं की। लेकिन मोदी अब विदेशी नागरिकों को हिरासत में रखना चाहते हैं। धर्म को अवैध प्रवासियों की पहचान करने या उन्हें हिरासत में लेने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।’

बता दें कि मोदी सरकार डिटेंशन सेंटर्स, एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून के मुद्दे पर सवालों के घेरे में हैं। इस समय देशा का सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर असम के ग्वालपाड़ा जिले के माटिया गांव में बनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इसमें उन नागरिकों को रखेगी जो अपनी नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाएंगे या जो अपनी नागरिकता सिद्ध करने में अबतक विफल हुए हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में असम में और भी डिटेंशन सेंटर्स का निर्माण करवाया जा सकता है जिसमें कई हजार लोगों को रखा जाएगा।

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