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टूटा नरेंद्र मोदी का ‘मौन व्रत’, कहा: राहुल गांधी और सोनिया का करेंगे ‘पर्दाफाश’, पढ़ें यह 10 POINTS

मानसून सत्र की कार्यवाही ‘अकारण’ बाधित करने के लिए कांग्रेस को सीधे तौर पर दोषी ठहराते हुए भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को घोषणा की कि वह कांग्रेस सांसदों के सभी 44 निर्वाचन क्षेत्रों व वाम दलों के नौ सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में उसके खिलाफ अभियान छेड़ेगी।

कांग्रेस का ‘पर्दाफाश’ करेंगे : मोदी

संसद के मानसून सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग सांसदों से कहा कि वे संसद में कामकाज बाधित करने वाली कांग्रेस पार्टी का देश की जनता के समक्ष ‘पर्दाफाश’ करें। साथ ही उन्होंने इस स्थिति की तुलना ‘आपातकाल’ से की जब एक परिवार सत्ता में बने रहना चाहता था। आगे पढ़ें यह 10 खास बातें…

 

1. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की अलोकतांत्रिक चुनौती को हम स्वीकार करते हैं और हम इसे जनता के बीच लेकर जाएंगे। हमारे लोग कोने-कोने जाकर कांग्रेस का पर्दाफाश करेंगे, जो देश के विकास को रोकने का प्रयास कर रही है।

2. मोदी ने हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक परिवार को बचाना चाहती है जबकि भाजपा देश को बचाना चाहती है जो कि हमारा सिद्धांत हैं।

3. प्रधानमंत्री ने एक परिवार में सत्ता को केंद्रित करने के प्रयास में आपातकाल थोपे जाने और इसके विरुद्ध चले जेपी आंदोलन में एक कार्यकर्ता के रूप में अपने दिनों को याद करते हुए कहा कि मौजूदा हालात वैसे ही हैं। यह बात संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने मोदी के हवाले से संवाददाताओं को बताई। प्रधानमंत्री ने राजग के सांसदों और मंत्रियों से कहा कि वे देशभर में जाकर खासकर कांग्रेस और वामदलों के सांसदों के चुनाव क्षेत्रों में जाकर महीना भर धरना प्रदर्शन का अभियान चलाएं।

4. अपने करीब आधे घंटे के भाषण में मोदी ने गरीबों व समाज के वंचित वर्ग के लोगों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि कांग्रेस तेज गति से हो रहे विकास को देखकर ‘घबरा’ गई है। उन्होंने जोर दिया कि विपक्षी पार्टी को विकास की इस पहल को अवरूद्ध करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सभी लंबित विवादों को एक के बाद एक हल करने का प्रयास कर रही है और इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में हुए नगा शांति समझौते और बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौते का उल्लेख किया।

5. राजग की इस बैठक में मानसून सत्र के दौरान ‘जानबूझकर और जबरन’ संसद के कामकाज को बाधित करने पर कांग्रेस के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव में जनता से कहा गया कि वह कांग्रेस के इस ‘ठेठ आलोकतांत्रिक’ आचरण को पहचाने। बैठक के बाद राजग सांसदों ने संसद भवन परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा से विजय चौक तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला।

6. भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गांधी परिवार के बाहर किसी को सत्ता और अधिकार मिले, वह उसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आसन के सामने आने को उन्होंने ‘नई गिरावट’ करार दिया।

7. जेटली ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने दिखा दिया है कि वह एक ही परिवार की गुलाम बनी रहेगी। वह सिर्फ इसलिए राष्ट्रीय हित और नीति के साथ समझौता करने की इच्छुक है क्योंकि परिवार 2014 की चुनावी हार को पचा पाने में असमर्थ है। जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संसदीय भाषण और नारेबाजी के बीच का अंतर नहीं कर सकते। उनकी उम्र जैसे जैसे बढ़ती जा रही है, वे उतने ही नादान होते जा रहे हैं।

8. मानसून सत्र संपन्न होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 44 सांसदों और वाम दलों के नौ सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में एक केंद्रीय मंत्री और राजग के चार सांसद जनसभाएं और कर्यक्रम करेंगे। जेटली ने बताया कि अभियान के तहत कांग्रेस और वाम दलों के खिलाफ देशव्यापी जागरूकता फैलाई जाएगी और विशेष ध्यान इन पार्टियों के सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों पर रहेगा।

9. सोनिया गांधी पर हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बड़ी पार्टी की नेता आसन के सामने आईं। दरअसल भाजपा के एक सदस्य ने सोनिया के एक रिश्तेदार पर टिप्पणी कर दी थी, जिसका विरोध दर्ज कराने वे आसन के सामने आ गई थीं।

10. जेटली ने कहा कि संसदीय गतिरोध में असल समस्या लोकसभा में नहीं बल्कि राज्यसभा में है। ललित मोदी की कथित मदद के मुद्दे पर बुधवार को लोकसभा में हुई चर्चा दर्शाती है कि साक्ष्य सरकार के साथ हैं जबकि कांग्रेस के आरोप खोखले हैं। उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने ही कथित अपराधी (ललित मोदी) के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रभावशाली कदम उठाए, जिसके इर्द गिर्द मौजूदा विवाद केंद्रित है।

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