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सुषमा-राजे को बर्खास्त कर दिखाएं मोदी: केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया कि पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के मामले में उन्हें धोखे में रखा गया।

Author June 24, 2015 11:32 AM
तोमर पर कार्रवाई करने की बात कह केजरीवाल ने केंद्र सरकार को दी चुनौती, कहा सुषमा-राजे को बर्खास्त कर दिखाएं मोदी

दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया कि पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के मामले में उन्हें धोखे में रखा गया। उन्होंने कहा कि तोमर उन्हें प्रथमदृष्ट्या बेकसूर लगे। पर उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद हमने उन्हें बर्खास्त कर दिया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि उन्होंने तोमर के मामले में जैसी कार्रवाई की, वैसी ही वे सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे के खिलाफ करके दिखाएं।

इससे पहले, दिन में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दल भाजपा की ओर से तोमर के मुद्दे पर चर्चा करवाने का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने खारिज कर दिया। इसे लेकर भाजपा ने सदन में हंगामा किया जिसकी वजह से सदन की कार्रवाई पंद्रह मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू हुई तो विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने फिर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली सरकार भ्रष्टाचार के मामले में चुप क्यों है। उस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खड़े हुए और उन्होंने तोमर प्रकरण पर बयान दिया। केजरीवाल ने कहा कि मामला सामने आने के बाद उन्होंने तोमर से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि तोमर ने अपनी डिग्री से संबंधित जो कागज उन्हें दिए, उससे प्रथमदृष्ट्या वे बेकसूर लगे। पर जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने तोमर को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया।

केजरीवाल ने तंज कसा कि उन्होंने तो तोमर के खिलाफ कार्रवाई की पर प्रधानमंत्री बताएं कि उन्होंने सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे के खिलाफ क्या किया है। केजरीवाल के इतना कहते ही विपक्षी दल हंगामा करने लगे। विपक्ष के सदस्य ओमप्रकाश शर्मा खड़े हो गए और मुख्यमंत्री केजरीवाल की सीट के सामने खड़े होकर हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष गोयल ने इसे गंभीरता से लेते हुए मार्शलों के जरिए शर्मा को सदन से बाहर निकाल दिया।

सदन में बचे विपक्षी दल के दो सदस्यों विजेंद्र गुप्ता और जगदीश प्रधान ने अपनी पार्टी के सदस्य शर्मा को जबरन सदन से बाहर करने के विरोध में स्पीकर के सामने फर्श पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर जाने के लिए कहा लेकिन जब वे नहीं माने तो विधानसभा अध्यक्ष ने उसी माहौल में सदन की कार्यवाही शुरू करवा दी। इस दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने दिल्ली शहरी आश्रय (संशोधन) विधेयक और दिल्ली विधानसभा के सदस्यों से संबधित एक विधेयक सदन में पेश किया।

मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में विपक्षी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा ने सदन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा करवाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को तोमर मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सदन का सदस्य जेल में है। डिग्री कांड के मामले में कुछ बोलना चाहिए।

सदन में तोमर के मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आए विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोक महत्त्व के मुद्दे पर ही चर्चा हो सकती है। इस पर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि क्या भ्रष्टाचार का मुद्दा लोक महत्त्व का नहीं है। इस पर सदन में हंगामा होने लगा। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच मामला गरमाने लगा तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पंद्रह मिनट के लिए स्थगित कर दी।

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