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नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति के सामने उठा सकते हैं चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वियतनाम के लिए रवाना होंगे। वहीं से वो जी-20 के सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन जाएंगे।

Author नई दिल्ली | September 2, 2016 8:37 AM
नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की फाइल फोटो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात में प्रस्तावित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा उठा सकते हैं। सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया की पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति को भारत की चिंता से अवगत करा सकते हैं। दोनों नेता जी-20 की 4-5 सितंबर को होने वाली बैठक में मिल सकते हैं। ये बैठक चीन के हांगझाऊ में होने वाली है। पीएम मोदी शुक्रवार (दो सितंबर) शाम को वियतनाम के लिए रवाना होंगे। वहां से वो चीन जाएंगे।

सूत्रों के अनुसार मोदी और जिनपिंग परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता पर भी बात कर सकते हैं। चीन ने जून में एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध किया था। इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी दिल्ली में इन मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री चीन जाने से पहले वियतनाम जाएंगे, वहां से वो तीन सितंबर को चीन रवाना होंगे। पीएम मोदी पांच सितंबर को भारत वापस आएंगे और उसी दिन वो लाओस की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। लाओस में पीएम मोदी इंडिया-एशियन एंड ईस्ट एशिया की वार्षिक बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।

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वियतनाम में मोदी रक्षा, सुरक्षा और व्यापार के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वो वियतनाम में तेल उत्पादन में भारत की भूमिका बढ़ाने पर भी विचार करेंगे। जी-20 सम्मेलन में भारतआंतकवाद को आर्थिक मदद और करों की चोरी और जरूरी दवाओं तक पहुंच का मुद्दा उठा सकता है। विदेश मंत्रालय की सेक्रेटरी (वेस्ट) सुजाता मेहता के अनुसार सम्मेलन में वैश्विक कर सुधार, एंटीबॉयोटिक्स के लिए पर्यावरण के अनुकूल वित्तीय और कारोबारी पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

14वें इंडिया-एशियन सम्मेलन में 8 सितंबर को पीएम मोदी सदस्य देशों के बीच ज्यादा मजबूत कारोबारी साझीदारी की अपील कर सकते हैं। एशियन सम्मेलन के बाद 11वां ईस्ट एशिया सम्मेलन होगा।

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