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अरुण शौरी का आरोप- ट्रॉल को फॉलो करके बढ़ावा देते हैं नरेंद्र मोदी, पीएम आवास बुलाकर फोटो भी खिंचवाई

अरुण शौरी का इंटरव्यू पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने पिछले साल की गर्मियों में अपनी किताब "आई एम ए ट्रॉल" के लिए लिया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी।

पूर्वे केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया ट्रॉल (गालीगलौज करने वाले) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। शौरी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल ट्विटर पर ट्रॉल को फॉलो करते हैं बल्कि अपना आधिकारिक आवास पर उनसे मिलकर उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। शौरी ने लोक सभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी के समर्थन के लिए अफसोस भी जताया। शौरी अटल बिहारी सरकार (1999-2004) तक केंद्रीय मंत्री रहे थे। न्यूज वेबसाइट द वायर पर प्रकाशित शौरी का इंटरव्यू पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने पिछले साल की गर्मियों में अपनी किताब “आई एम ए ट्रॉल” के लिए लिया था जिसे पहली बार प्रकाशित किया गया है।

स्वाति चतुर्वेदी ने शौरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गालीगलौज करने वाले ट्विटर हैंडल को फॉलो करने और करण थापर के टीवी इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना के बाद सोशल मीडिया पर शौरी और उनके विकलांग बेटे के खिलाफ गालीगलौज किए जाने से जुड़ा सवाल पूछा था।

शौरी ने जवाब में चतुर्वेदी की बात से सहमति जताते हुए कहा, “हाँ, ऐसे लोगों को फॉलो करके मोदी संदेश देते हैं कि मैं तुम्हें फॉलो कर रहा हूं। आप जब ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं तो आप उन्हें ये संदेश देकर प्रेरित कर रहे होते हैं कि “भैया, मैं देख रहा हूं कितनी गालियां डाल रहे हो।” बाद मैं मैने सुना कि उन्होंने इन लोगों को मुलाकात भी की थी। आप ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास में बुला रहे हैं। उसके बाद इन प्रेरित लोगों ने सोशल मीडिया पर मोदी के साथ अपनी तस्वीर डाली। बाद में मैंने सुना कि इनमें से एक को बीजेपी के आईटी सेल का प्रमुख बना दिया गया। इससे साफ है कि ये सरकार का ऑपरेशन है, ये पार्टी का ऑपरेशन है। और ये देश में उठने वाली आवाजों को चुप कराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे औजारों में एक है। गालीगलौज ऐसे एक औजार है, चीजों को पहुंच से दूर कर देना भी एक तरीका है जैसे राजस्थान में राजस्थान पत्रिका को सरकारी विज्ञापन दिए जाने बंद कर दिए गए क्योंकि उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिकूल कुछ प्रकाशित कर दिया था।”

चतुर्वेदी की किताब बाजार में आते ही चर्चा में आ गयी। किताब में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की आईटी सेल की पूर्व वॉलंटियर साध्वी खोसला के हवाले से कई सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। किताब में साध्वी के हवाले से दावा किया गया है कि बीजेपी ने आमिर खान, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे लोगों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाने के लिए कहा था। हालांकि बीजेपी की नेशनल डिजिटल ऑपरेशंस सेंटर (एनडीओसी) के प्रमुख अरविंद गुप्ता ने किताब में लगाए गए आरोपों को गलत बताया।

स्वाती चतुर्वेदी के किताब में दावा किया गया है कि बीजेपी ने विपक्षी राजनेताओं, गांधी परिवार, पत्रकार और फिल्मकारों को सोशल मीडिया पर ट्रोल कराने के लिए एक अलग से टीम बनाई हुई है। किताब में साध्वी के हवाले से कहा गया है कि वॉलंटियर्स और कर्मचारियों को बीजेपी की आईटी सेल ने मुख्यधारा के पत्रकारों की एक हिटलिस्ट दी थी, जिन पर लगातार सोशल मीडिया पर हमला करना था। उन्होंने दावा किया कि इसका मकसद गांधी परिवार का पर्दाफाश करना और उन्हें ट्रॉल कराना था। किताब में कहा गया कि अगर कहीं भी मोदीजी के बारे में कोई अवांछित जिक्र होता है तो बीजेपी की डिजिटल ट्रैकिंग टूल्स की मदद से उसे सुधारा जाता है।

पिछले साल मई में अरुण शौरी ने करण थापर के टीवी शो में नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की थी। शौरी ने उस इंटरव्यू में पीएम मोदी को ‘अहंकारी’ और “एक व्यक्ति के प्रभुत्व वाली सरकार” चलाने वाला कहा था। शौरी ने कहा था कि सरकार की ऐसी दिशा भारत के लिए अच्छा नहीं बताया था। इंडिया टुडे टीवी के ‘टू द प्वाइंट’ कार्यक्रम में करण थापर के साथ 40 मिनट के साक्षात्कार में उन्होंने मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल का विश्लेषण किया था। शौरी ने घर वापसी, लव जिहाद, बीफ पर पाबंदी, पुरस्कार वापसी, राष्ट्रवाद इत्यादि मुद्दों पर भी मोदी सरकार की आलोचना की थी।

शौरी द्वारा मोदी सरकार की आलोचना के बात सोशल मीडिया पर उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग किया गया। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि उनके बेटे की विकलांगता शौरी के कर्मों का परिणाम है। शौरी के ताजा इंटरव्यू के सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया पर उन्हें अपशब्द कहे जा रहे हैं।

अरुण शौरी का करण थापर को दिया इंटरव्यू-

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