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PM Modi Interview: दलित मुद्दे पर बोले- राजनेता गैरजिम्मेदार बयानों से बचें, समुदाय के ‘ठेकेदार’ दे रहे हैं राजनीतिक रंग

मोदी ने कहा कि वह दलितों और समाज के अन्य दमित तबकों के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं, लेकिन कुछ लोग इसे नहीं पचा सकते कि ‘मोदी दलित समर्थक है।
Author नई दिल्ली | September 2, 2016 20:00 pm
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI File)

दलितों के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (2 सितंबर) को अपनी पार्टी के लोगों सहित राजनीतिक नेताओं से कहा कि उन्हें गैर जिम्मेदार बयानों से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समुदाय के ‘ठेकेदार’ तनाव उत्पन्न करने के लिए सामाजिक समस्या को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि वह दलितों और समाज के अन्य दमित तबकों के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं, लेकिन कुछ लोग इसे नहीं पचा सकते कि ‘मोदी दलित समर्थक है।’ उन्होंने यह कहते हुए दलितों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की निन्दा की कि यह किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता।

मोदी ने सीएनएन-न्यूज 18 को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘मैं अपनी खुद की पार्टी के नेताओं सहित राजनीतिक नेताओं से कहना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ किसी भी गैर जिम्मेदार बयान नहीं दिया जाना चाहिए। देश की एकता, सामाजिक एकता और समानता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हमें अतिरिक्त सजग रहना चाहिए।’ यह उल्लेख करते हुए कि देश में कई दलित हैं जो भाजपा के सांसद और विधायक हैं, मोदी ने कहा कि ‘जब मैंने बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई, कई लोगों को लगा कि मोदी अंबेडकर का अनुयायी है। उन्हें समस्या होनी शुरू हो गई।’

मोदी ने कहा, ‘जो खुद को किसी खास तबके का ‘ठेकेदार’ समझते हैं और समाज में तनाव उत्पन्न करना चाहते हैं, वे इसे नहीं पचा सकते कि मोदी दलित समर्थक है…।’ प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘मैं दलितों, पीड़ितों, दमितों, वंचितों, आदिवासियों और महिलाओं के कल्याण के प्रति कटिबद्ध हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को इससे दिक्कत हो रही है, वे समस्या उत्पन्न कर रहे हैं और मेरे खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं।’ मोदी ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर इस देश को विषाक्त किया है, उन्हें एक सामाजिक समस्या को राजनीतिक रंग देना बंद करना चाहिए।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि दलितों के खिलाफ कभी भी कोई हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को पूरा विश्वास है कि ‘हमारा एजेंडा केवल विकास का है।’ उन्होंने कहा, ‘देश के लोगों में कोई भ्रम नहीं है। लेकिन जो लोग कभी नहीं चाहते थे कि इस तरह की सरकार बने, जो कभी नहीं चाहते थे कि पूर्ववर्ती सरकार जाए, उन्हें समस्या हो रही है। विकास का मुद्दा हमारा एजेंडा है और यह हमारा एजेंडा रहेगा। यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। यह मेरा दृढ़ निश्चय है।’ मोदी ने कहा, ‘यदि देश गरीबी से मुक्ति चाहता है तो तब विकास की जरूरत है। हमें देश के गरीब लोगों को सशक्त बनाने की आवश्यकता है।’

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  1. U
    U.Singh
    Sep 2, 2016 at 5:25 pm
    जब भाजपा या नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव में दलित, आरक्षण व बाबासाहेब का नाम लेकर दलितों से वोट मांगे तो उत्तर प्रदेश के दलितों को इन प्रश्नों का उत्तर जरूर दें:१. उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने जिन दलित अधिकारियों का बड़े पैमाने पर डिमोशन किया है, उसे रोकने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने क्या किया?२. रोहित वेमुला केस, हरियाणा, गुजरात आदि में दलित -उत्पीडन के माों में दोषियों पर क्या कारवाही की गयी?३. पिछले दो सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने आरक्षण को प्रभावी तरीके से
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