ताज़ा खबर
 

UN में नरेंद्र मोदी: PM ने अक्षय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य बढ़ा 400 गीगावॉट तक पहुंचाने का लिया संकल्प

मोदी ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें स्वीकार करना चाहिए कि अगर हमें जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती से पार पाना है तो हम इस समय जो कुछ कर रहे हैं, वह पर्याप्त नहीं है।’’

Author नई दिल्ली | September 23, 2019 10:46 PM
Narendra Modi, BJP, NDA, Indian PM, India, UN, New York, USA, America, National News, Hindi Newsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटोः एपी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिहाज से आदतों में बदलाव लाने के लिए वैश्विक जन आंदोलन की जरूरत बताई है। सोमवार को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मंच पर उन्होंने इसके साथ भारत के गैर-परंपरागत (नॉन-फॉसिल) ईंधन उत्पादन के लक्ष्य को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 400 गीगावाट तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया है। बता दें कि मोदी ने इसी 15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में ऐलान किया था कि पेरिस जलवायु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता का पालन करते हुए भारत 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करेगा।

पीएम ने सोमवार को यूएन महासचिव एंतोनियो गुतारेस द्वारा आयोजित सम्मेलन में घोषणा की कि भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पनबिजली जैसे गैर-परंपरागत ईंधन के उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘2022 तक हम अपनी अक्षय ऊर्जा उत्पादन की क्षमता को 175 गीगावाट के लक्ष्य से बहुत आगे 400 गीगावाट तक ले जाएंगे।’’ इससे एक दिन पहले, मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ रविवार को ह्यूस्टन में ‘हाऊडी मोदी’ नामक भव्य समारोह में मंच साझा किया था और आतंकवाद से लड़ने का समान दृष्टिकोण साझा करते हुए दोनों ने मित्रतापूर्ण संबंध झलकाए थे।

हालांकि, अमेरिका और भारत दोनों ही जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भिन्न रुख रखते हैं। ट्रंप ने 2017 में पेरिस समझौते से वापस हटने का फैसला किया था और इसके लिए उन्होंने भारत और चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि समझौता अनुचित है, क्योंकि इसके तहत अमेरिका को उन देशों के बदले में भुगतान करना पड़ेगा जिन्हें इसका सबसे ज्यादा लाभ होने जा रहा है।

मोदी ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें स्वीकार करना चाहिए कि अगर हमें जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती से पार पाना है तो हम इस समय जो कुछ कर रहे हैं, वह पर्याप्त नहीं है।’’ पीएम के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विभिन्न देश अनेक तरह के प्रयास कर रहे हैं। आज एक व्यापक प्रयास की जरूरत है, जिसमें शिक्षा से लेकर मूल्यों तक और जीवनशैली से लेकर विकास के दर्शन तक सब शामिल हो। जलवायु कार्रवाई सम्मेलन का उद्देश्य पेरिस समझौते को लागू करने के कदमों को मजबूत करना है। पेरिस समझौते पर 2015 में हस्ताक्षर किए गए थे।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 PM नरेंद्र मोदी की दुनिया भर में हो रही जय-जय, पर विपक्षी जेल में या बेल पर हैं- तंज पर जेपी नड्डा ट्रोल
2 इनकम टैक्स के रडार पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी, 14 साल पहले SBI से दे दिया था इस्तीफा 
3 UN में भारतीय प्रतिनिधि का ट्वीट- PM नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए करना पड़ा घंटों इंतजार
ये पढ़ा क्या?
X