ताज़ा खबर
 

‘मोदी सरकार में दलित विरोधी घटनाएं बढ़ीं’

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने हाल में दलितों पर हमले की कुछ घटनाओं तथा आईआईटी-म्रदास की घटना की पृष्ठभूमि में केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए...

Author May 31, 2015 3:09 PM
पूनिया ने दावा किया कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से दलितों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। (फाइल फोटो पीटीआई)

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने हाल में दलितों पर हमले की कुछ घटनाओं तथा आईआईटी-म्रदास की घटना की पृष्ठभूमि में केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि इस सरकार के समय दलित विरोधी घटनाओं में इजाफा हुआ है तथा सरकार वंचित वर्ग की जरूरतों को लेकर संवेदनशील नहीं है।

आईआईटी-म्रदास की घटना के संदर्भ में पूनिया ने कहा, ‘‘यह बहुत ही खतरनाक काम किया गया है। कैम्पस में उभरते हुए नौजवानों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इस तरह से प्रतिबंध लगाना गला घोंटने जैसा कदम है। यह पूरी तरह गलत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए (संस्थान को) नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। हम आगे इस संदर्भ में कार्रवाई करेंगे।’’

पिछले दिनों आईआईटी-मद्रास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की नीतियों की कथित तौर पर आलोचना करने को लेकर दलित छात्रों के समूह ‘अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्किल’ पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। संस्थान का कहना है कि इस समूह ने दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है।

कांग्रेस नेता पूनिया ने दावा किया कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से दलितों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। ये कोई साधारण घटनाएं नहीं हैं। ये बहुत गंभीर घटनाएं हैं।’’

पूनिया ने राजस्थान के नागौर जिले में दलित समुदाय के कुछ लोगों को कथित तौर पर ट्रैक्टर से कुचल देने की हालिया घटना का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मैं घटना के तीसरे दिन नागौर गया था और उस समय वहां के जिला अधिकारी मेरे साथ गए। इससे पहले वह मौके पर नहीं पहुंचे थे, जबकि उनके जिले में इतनी गंभीर घटना हुई थी। यह दिखाता है कि जो लोग सरकार में बैठे हैं वे इसे (घटनाओं को) तवज्जो नहीं देते और फिर उनके नीचे के अधिकारी भी ऐसा ही करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं के खिलाफ दलित समाज को संगठित होना होगा। हमारे जैसे सगठनों को अधिक जागरूक रहकर हस्तक्षेप रहना होगा। ऐसे में मामलों में अनुसूचित जाति आयोग, मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग जैसी संस्थाओं को ध्यान देना होगा। सरकार को अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।’’

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र की राजग सरकार वंचित वर्गों की जरूरतों को लेकर संवेदनशील नहीं है और बजट में भी यही बात देखने को मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘राजग सरकार वंचित वर्ग की जरूरतों को लेकर संवेदनशील नहीं है। आपने देखा होगा कि बजट में इनसे संबंधित आवंटन में कटौती कर दी गई। वंचित वर्ग में अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक शामिल हैं।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App