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याकूब की फांसी: कवरेज से नाखुश मोदी सरकार, तीन न्यूज चैनलों को भेजा नोटिस

तीन प्रमुख न्यूज चैनलों की ओर से 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को दी गई फांसी से जुड़ी कवरेज से नाखुश केंद्रीय सूचना..

सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने तीन प्रमुख न्यूज चैनलों की ओर से 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को दी गई फांसी से जुड़ी कवरेज पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि ऐसा पाया गया है कि इन न्यूज चैनलों की ओर से की गई कवरेज के कुछ हिस्से अनुचित थे, जिसकी वजह से उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनकी कवरेज ने प्रोग्राम कोड की धाराओं का उल्लंघन कैसे नहीं किया। प्रोग्राम कोड की धाराएं कहती हैं कि किसी अश्लील, मानहानिपूर्ण, जानबूझकर, गलत और प्रेरित व आधे सच को दिखाने वाला कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए।

कोड की अन्य धाराओं के मुताबिक, कोई ऐसा कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिससे हिंसा को बढ़ावा मिलने की आशंका हो या उसमें ऐसा कुछ भी हो, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने या राष्ट्र विरोधी भावनाओं को बल मिलने का खतरा हो।

एक अन्य धारा में चैनलों से यह भी कहा गया है कि वे ऐसा कुछ भी न दिखाएं जिससे राष्ट्रपति और न्यायपालिका की निष्ठा पर किसी तरह का आक्षेप लगता प्रतीत होता हो। अधिकारियों ने बताया कि प्रोग्राम कोड के इन प्रावधानों के मद्देनजर मंत्रालय का मानना है कि इन चैनलों से स्पष्टीकरण मांगने की जरूरत है।

सूचना व प्रसारण मंत्रालय की इकाई इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (ईएमएमसी)करीब 600 चैनलों की निगरानी करता है। जिन चैनलों को नोटिस भेजा गया है उनमें दो ऐसे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का फोन-इन इंटरव्यू प्रसारित किया था। एक अन्य चैनल ने कथित तौर पर मेमन के वकील के बयान को प्रसारित किया था।

चैनलों की ओर से जवाब दिए जाने के बाद एक अंतर-मंत्रालयी समिति मामले पर विचार करेगी। इस समिति की अध्यक्षता सूचना व प्रसारण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव करते हैं जबकि कई और मंत्रालयों के अधिकारी भी इसमें शामिल होते हैं।

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