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कन्हैया कुमार का हमला- रामायण काल के टेस्ट ट्यूब पद्धति से विकास को पैदा करेगी मोदी सरकार

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के उस विवादित बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने मां सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी करार दिया था।

नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू वि.वि. के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार। (एक्सप्रेस फोटोः जसबीर मल्ही)

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि सरकार चार सालों में विकास को जन्म देने में नाकाम रही। अब वह कार्यकाल के पाचवें साल में रामायण काल की टेस्ट ट्यूब बेबी पद्धति से विकास को पैदा करेगी। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के उस विवादित बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने मां सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी करार दिया था।

उन्होंने कहा था, “सीता टेस्ट ट्यूब से जन्मीं थीं, क्योंकि जनक जी ने एक घड़े से उन्हें निकाला था। उसे देख कर कहा जा सकता था कि आज के दौर में कहीं ज्यादा तकनीक रामायण और महाभारत काल में थी।” शर्मा यह भी बोले कि राम लंका से लौटे थे तब, वह पुष्पक विमान से वापस आए थे। उस वक्त विमान था। वहीं, धृतराष्ट्र के पास लाइव टीवी था, जिससे वह घर से कुरुक्षेत्र का हाल जान लिया करते थे।

ताजा मामले में कन्हैया ने उसी को लेकर पीएम, बीजेपी व केंद्र को निशाने पर लिया। गुरुवार (सात जून) को उन्होंने ट्वीट में लिखा, “बधाई हो! चार सालों में विज्ञापन से विकास की नाकाम कोशिश के बाद पांचवें साल में सरकार रामायण काल की टेस्ट ट्यूब पद्धति से विकास को पैदा करने का प्रयास करेगी।”

हाल ही में मोदी सरकार के चार साल पूरे हुए हैं। ऐसे में कन्हैया का यह जुबानी हमला सीधे तौर पर पीएम व उनके विकास के दावों पर माना जा रहा है। वैसे यूपी के उप मुख्यमंत्री इस तरह का बयान देने वाले इकलौते बीजेपी नेता नहीं है। उनसे पहले कुछ ऐसा ही विवादित बयान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने दिया था। उन्होंने अप्रैल के दौरान अगरतला में कहा था कि महाभारत काल में भी इंटरनेट सुविधा और सैटेलाइट संचार तंत्र हुआ करते थे।

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