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पैनल ने कहा 375, सरकार चाहती है 178 रुपए न्यूनतम मजदूरी, आरएसएस से जुड़ा संगठन भड़का

श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि न्यूनतम वेतन 178 रुपये प्रति दिन होगा, लेकिन उनकी घोषणा ने सरकार की पूरी योजना के बारे में नहीं बताया।

Author नई दिल्ली | July 13, 2019 8:44 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 180 रुपए से कम का देशव्यापी दैनिक न्यूनतम वेतन का बिल पेश करने के लिए लगभग तैयार है। सरकार खुद के एक्सर्ट पैनल की 375 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम वेतन की सिफारिश को दरकिनार कर यह बिल पेश करने जा रही है। स्वतंत्र विश्लेषकों और दो ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने सरकार के इस कदम को ‘मजदूर विरोधी’ बताया है। इनका कहना है कि सरकार ने देशभर के चालीस करोड़ मजदूरों के साथ विश्वासघात किया है।

बुधवार (10 जुलाई, 2019) को श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि न्यूनतम वेतन 178 रुपये प्रति दिन होगा, लेकिन उनकी घोषणा ने सरकार की पूरी योजना के बारे में नहीं बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंगवार ने कहा, ‘3 जुलाई को कैबिनेट ने पहले वेतन संहिता (Wage Code) बिल को मंजूरी दे थी। अब यह किसी भी दिन लोकसभा में लाया जा सकता है। सरकार के इस कदम से चालीस करोड़ लोगों को फायदा होगा। कुछ राज्यों में अभी दैनिक वेतन 50, 60 और 100 रुपए है। हमने तय किया है कि न्यूनतम मजदूरी 178 रुपए प्रतिदिन होगी।’

श्रम अर्थशास्त्री अनूप सतपथी के नेतृत्व वाली एक कमेटी ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी 375 रुपए प्रतिदिन करने का सुझाव दिया था। जबकि सरकार द्वारा प्रस्तावित नई न्यूनतम दैनिक मजदूरी कमेटी की सिफारिश से आधे से भी कम है। कमेटी ने देश में पांच क्षेत्रों के लिए 342 रुपए से लेकर 447 रुपए तक की वैकल्पिक दरों का भी सुझाव दिया था।

सरकार के इस प्रस्ताव की आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने भी तीखी आलोचना की है। बीएमएस ने सरकार के 178 रुपए दैनिक वेतन की घोषणा को निरर्थक बताते हुए कहा कि सुझाव देने वाले बोर्ड ने इसपर चर्चा नहीं की। बीएमएस के महासचिव विरजेश उपाध्याय ने कहा, ‘विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर चर्चा करने और एक दर तय करने के लिए बोर्ड उपयुक्त निकाय है। सरकार आखिरकार बोर्ड के फैसले पर विचार करेगी, लेकिन बोर्ड में चर्चा से पहले 178 रुपये की घोषणा आश्चर्यजनक है।’

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